गााजियाबाद वालों रहिए तैयार, हाउस टैक्स बढ़ाने की हुई तैयारी,अप्रैल से दोगुना करने की है योजना

गाजियाबाद ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हाउस टैक्स बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। नए वित्तीय वर्ष 2024 से शहर के लोगों को सर्कल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स देना पड़ सकता है। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने तैयार कर ली है। यह बढ़ोतरी रोड की चौड़ाई से लेकर उसकी लोकेशन के अनुसार तय होगी। इसकी सार्वजिक सूचना भी लोगों के लिए जारी की गई है। अभी तक नगर निगम पुरानी पॉलिसी के हिसाब से टैक्स वसूल रहा है। अब अप्रैल से लोगों की जेब पर इसका दोगुना भार पड़ेगा। हालांकि मेयर सुनीता दयाल ने कहा है कि वह सर्कल रेट से टैक्स न लगे इस पर निगम के अफसरों से मीटिंग करेंगी। उनका कहना है कि इसके लिए शासन में भी जाना पड़ा तो जाऊंगी, लेकिन जनता पर अत्यधिक भार नही पड़ने देंगी। जबकि निगम के अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
टैक्स के सर्कल रेट को खारिज कर चुका है बोर्ड
वित्तीय वर्ष 2022 में भी नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त महेन्द्र सिंह तंवर ने सर्कल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स वसूली के लिए टेंडर जारी किए थे। इसके बाद आपत्ति और सूचना भी मांगी गई थी। उस समय 308 लोगों ने सर्कल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स बढ़ाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बावजूद सर्कल रेट के हिसाब से लागू करने के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पेश किया गया। लेकिन बोर्ड ने इसे खारिज कर स्पष्ट कर दिया था।
बोर्ड ने व्यवस्था की थी कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए प्रॉपर्टी के टैक्स में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है। उसके हिसाब से चालू वित्तीय वर्ष में टैक्स 10 प्रतिशत निगम ने लागू किया था। बाद में तत्कालीन नगर आयुक्त ने शासन को सर्कल रेट का प्रस्ताव भेजा। उन्होंने बताया था कि शासन ने अपने स्तर पर फैसला करने के लिए कहा है।
जानकारों का कहना है कि सर्कल रेट के अनुसार अलग-अलग कैटिगरी में टैक्स देना होगा। उदाहरण के तौर पर पुरानी टैक्स पॉलिसी में अगर किसी प्रॉपर्टी पर टैक्स दो रुपये 50 पैसे की दर से लगाया जा रहा है तो इसमें किसी 100 वर्ग मीटर की दुकान पर टैक्स 250 रुपये लिया जएगा, जबकि सर्कल रेट के हिसाब से यह टैक्स औसत तौर पर 5 रुपये प्रति वर्ग मीटर से होगा, जो अधिकतम 500 रुपये से अधिक हो सकता है। इस मामले में तत्कालीन बीजेपी पार्षद हिमांशु मित्तल का कहना है कि सर्कल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स व्यवस्था लागू करने के लिए नगर निगम के तत्कालीन नगर आयुक्त महेन्द्र सिंह तंवर ने बोर्ड में प्रस्ताव पेश किया था, जिसे बोर्ड में खारिज कर दिया गया था। लेकिन अब फिर से सर्कल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स लागू करने की कोशिश है। अगर एक अप्रैल से इसी वर्ष हाउस टैक्स सर्कल रेट के हिसाब से बढ़ाया जाता है तो यह जनता के लिए कुठाराभात है।
हाउस टैक्स का पुरानी पॉलिसी के हिसाब से टैक्स- (प्रति फुट के हिसाब से)
12 मीटर से कम चौड़ी सड़क के मकान पर टैक्स 1 रुपया 61 पैसे
12 से 24 मीटर चौड़ी की सडक पर बने मकान पर टैक्स 2 रुपये
24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर टैक्स दो रुपये 45 पैसे प्रति टैक्स
सर्कल रेट के हिसाब से टैक्स की व्यवस्था (प्रति फुट के हिसाब से)
12 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर बने मकान पर टैक्स के रेट 3 रुपये 50 पैसे
12 से 24 मीटर चौड़ी रोड पर बने मकान के टैक्स रेट-3 रुपये 75 पैसे
24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क के मकान पर 4 रुपये टैक्स लगाने की व्यवस्था
(नोट : इसी प्रकार से लगभग दोगुने से अधिक प्रॉपर्टी का टैक्स हो सकता है। वहीं, लोकेशन के अनुसार भी टैक्स में बदलाव करने का प्लान है।)
पिछले साल 4.50 लाख प्रॉपर्टी टैक्स
नगर निगम के आंकड़े बताते हैं कि महानगर में बीते वर्ष करीब 4.50 लाख मकान मालिकों ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया गया। वहीं, निगम की ओर से कराए गए सर्वे के अनुसार इस साल यह संख्या 6.30 लाख से अधिक हो सकती है। प्रॉपर्टी टैक्स को अदा करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए नगर निगम अप्रैल से लेकर नवंबर तक 20 प्रतिशत तक की छूट देता है। उसके बाद नवंबर तक 10% और दिसंबर जनवरी तक 5 फीसदी छूट प्रदान करता है। इसके बाद फरवरी और मार्च में बिना किसी छूट के हाउस टैक्स जमा करना होता है।

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