गुरुग्राम में बिना लाइसेंस चल रही शराब बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश
Unlicensed liquor factory busted in Gurugram

गुरुग्राम। गुरुग्राम में मानेसर क्राइम ब्रांच की टीम ने बिलासपुर के गांव राठीवास में एक प्लाट में छापेमारी कर एक शराब की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही थी। पुलिस ने फैक्ट्री से चार आरोपितों को पकड़ा है। वहीं, पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ के बाद फैक्ट्री के संचालक और तीन पार्टनर को गिरफ्तार कर लिया। सभी के विरुद्ध एक्साइज एक्ट में केस दर्ज किया गया। फैक्ट्री से 3250 लीटर शराब के पव्वे, 9200 शराब की खाली बोतल, 225 गत्ता पेटी, 620 ढक्कन, 75000 फर्जी लेबल, एक सीलिंग मशीन और एक मापने का यंत्र बरामद किया गया। मानेसर क्राइम ब्रांच के प्रभारी सब इंस्पेक्टर ललित कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने के बाद गांव राठीवास में छापेमारी की गई। यहां एक प्लाट में शराब की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। आरोपितों ने इसे किराए पर लिया था। छापेमारी के दौरान यहां से चार आरोपितों को पकड़ा गया। वहीं, जब फैक्ट्री चलाने और शराब बनाने के लाइसेंस के बारे में पूछा गया तो कोई कागजात नहीं मिले।
आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के हरदोई के गांव हाधा निवासी अनूप, सरबजीत, सोनू राठौर और अलीगढ़ निवासी लोकेश के रूप में की गई। इन्होंने पूछताछ में बताया कि ये लोग यहां काम करते थे। फैक्ट्री को तीन अन्य लोग फरीदाबाद निवासी मदन, रेवाड़ी निवासी अंकित और दिल्ली निवासी केपी संचालित कर रहे थे।
पूछताछ में पता चला कि आसपास के लोगों को इसके बारे में जानकारी न लगे, इसके लिए शराब बनाने के लिए आरोपित सुबह ही भट्ठी चलाते थे। 12 दिन पहले ही इन्होंने अपनी फैक्ट्री यहां शिफ्ट की थी। इससे पहले ये गुरुग्राम के एसपीआर रोड पर ढाई महीने से फैक्ट्री संचालित कर रहे थे। मौके पर एक्साइज विभाग को भी बुलाया गया।
एक्साइज विभाग ने शराब के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा है। जांच के बाद इसके मानकों के बारे में पता चलेगा। शुक्रवार को सभी आरोपितों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस दौरान इनसे शराब में किन-किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता था। कहां-कहां सप्लाई होती थी। कितनी पेटी शराब सप्लाई कर चुके थे। इनके गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं। इन सारे सवालों के बारे में जानकारी ली जाएगी।




