धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार इमाम को पुलिस ने किया रिहा, वायरल वीडियो ने बदला था ‘खेल’

अलीगढ़,(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्मांतरण के आरोपी मस्जिद के एक इमाम हाफिज इकबाल को रिहा कर दिया गया। इमाम को धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत जेल भेजा गया था। पुलिस ने गहन जांच के बाद उनके खिलाफ आरोप गलत पाए, जिसके बाद शुक्रवार शाम को उन्हें रिहा कर दिया गया। इमाम हाफ़िज़ इक़बाल को अलीगढ़ में दक्षिणपंथी सदस्यों के एक समूह की शिकायत के बाद हिरासत में लिया गया था। शिकायतकर्ताओं ने उन पर अपनी मस्जिद के अंदर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया था।
बीती 7 अगस्त से जेल में बंद इमाम ने घटना को याद करते हुए कहा कि मैं मुस्लिम समुदाय का आभारी हूं जिन्होंने मुझे जेल से बाहर निकालने के लिए लड़ाई लड़ी। एक दक्षिणपंथी समूह के कई सदस्य मस्जिद के बाहर जुटे और मुझ पर जबरन धर्मांतरण में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया था। अपने दावों को सही साबित करने के लिए वह एक महिला को भी अपने साथ लाए थे। उन्होंने कहा कि मुझे गलत तरीके से झूठे मामले में फंसाने के लिए एक बड़ी साजिश के तहत पूरी परिस्थिति रची गई थी, जिसमें मुझे जेल भेज दिया गया था।
हालांकि, बाद में हालात तब बदल गए जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों को एक महिला को इमाम पर हमला करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए देखा गया। इसके बाद कुछ अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने अलीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और सबूत के तौर पर वीडियो पेश किया। मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए और विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने धर्मांतरण विरोधी कानून की धाराएं हटा दीं और इमाम को जेल से रिहा कर दिया। डीएसपी अलीगढ़ अभय पांडे ने शनिवार को कहा कि मामले में धर्म परिवर्तन का कोई सबूत नहीं मिला इसलिए, धर्मांतरण विरोधी कानून की धाराएं हटा दी गई हैं। आगे की जांच जारी है।

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