मथुरा जा रहे लोग ध्यान दें! अब पुलिस का क्यूआर कोड बताएगा वृंदावन वाला का रास्ता
People going to Mathura, pay attention! Now the police's QR code will tell you the way to Vrindavan

मथुरा/उत्तर प्रदेश। कृष्ण की नगरी मथुरा में रहने वाले लोगों और यहां घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए खबर महत्वपूर्ण है। वृंदावन में अब ई-रिक्शा तय रास्तों पर ही चलेंगे। पुलिस विभाग की तैयारी के मद्देनजर इन पर एक नया क्यूआर कोड लगेगा। अभी तक 1500 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। ई-रिक्शा चालकों को अब अपने आधार कार्ड ई-रिक्शा पर चिपकाने की जरूरत नहीं होगी। संचालन समिति ने यह फैसला एसएसपी से मिलने के बाद लिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अब क्यूआर कोड में ही चालक के आधार कार्ड की जानकारी होगी। इन क्यूआर कोड में चालक की जानकारी और ई-रिक्शा का रूट भी शामिल होगा। संचालन समिति ने यह फैसला एसएसपी से मिलने के बाद लिया है।
वृंदावन शहर में ई-रिक्शा के लिए नियम बदल गए हैं। अब ई-रिक्शा चालकों को गाड़ी पर अपना आधार कार्ड नहीं लगाना होगा। इसकी जगह, ई-रिक्शा पर एक नया क्यूआर कोड लगाया जाएगा। इस कोड में चालक के आधार कार्ड की जानकारी होगी। ई-रिक्शा संचालन समिति के ताराचंद गोस्वामी ने एसएसपी श्लोक कुमार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि अगर चालक का आधार कार्ड ई-रिक्शा पर लगाया जाता है, तो साइबर ठगी हो सकती है। क्योंकि आधार कार्ड से बैंक से पैसे निकाले जा सकते हैं। एसएसपी ने इस बात को समझा और क्यूआर कोड लगाने की अनुमति दे दी। इससे साइबर अपराध से बचा जा सकेगा।ताराचंद गोस्वामी ने बताया कि अभी तक 1500 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इन सभी पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। ये ई-रिक्शा शहर के आठ तय रास्तों पर चलते हैं। अब इन रिक्शों पर नए क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। नए क्यूआर कोड में ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नंबर होगा। चालक का ड्राइविंग लाइसेंस, रूट और फोटो भी होगा। समिति के लोग और पुलिस क्यूआर कोड को स्कैन करके ई-रिक्शा और चालक के बारे में जानकारी पा सकते हैं।
पहले चालकों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड ई-रिक्शा पर चिपकाना होता था। लेकिन, इससे साइबर ठगी का खतरा था। लोग आधार कार्ड की जानकारी से बैंक खाते से पैसे निकाल सकते थे। इसलिए, संचालन समिति ने एसएसपी से मिलकर इस समस्या का समाधान निकाला। अब ई-रिक्शा पर क्यूआर कोड लगने से चालकों की जानकारी सुरक्षित रहेगी। साथ ही, पुलिस को भी ई-रिक्शा और चालकों के बारे में जानकारी रखने में आसानी होगी। यह क्यूआर कोड ई-रिक्शा के सही रास्तों पर चलने में भी मदद करेगा।
यह नया नियम ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे सुरक्षा भी बढ़ेगी और व्यवस्था भी बेहतर होगी। ई-रिक्शा संचालन समिति शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शहर में ई-रिक्शा एक महत्वपूर्ण साधन हैं। ये लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में मदद करते हैं। इसलिए, ई-रिक्शा को सुरक्षित और व्यवस्थित रखना जरूरी है। नया क्यूआर कोड सिस्टम इसी दिशा में एक कदम है। वृंदावन में ई-रिक्शा अब और भी सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से चलेंगे। नया क्यूआर कोड सिस्टम शहर के यातायात को बेहतर बनाने में मदद करेगा।




