गिरफ्तारी के दौरान नियमों की अनदेखी, दूसरे राज्य में छापा मारने वाला इंस्पेक्टर निलंबित

अमरोहा कोर्ट ने सीनियर अधिकारियों से छिपाकर दूसरे राज्य में छापा मारे जाने के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। नाराज कोर्ट ने दो आरोपियों की पुलिस रिमांड खारिज कर दी। अब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है।

अमरोहा कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी में प्रक्रिया के पालन न करने पर अपनाया कड़ा रुख

अमरोहा,उत्तर प्रदेश। दूसरे राज्य में आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप में अमरोहा के देहात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की रिमांड याचिका मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) डॉ. लकी की अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मामले को अवमानना संबंधी कार्रवाई के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजने की संस्तुति भी की है।

मामला अमरोहा देहात थाना क्षेत्र में दर्ज जानलेवा हमले के मुकदमे से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, कृष्णा उर्फ प्रतीक ने 15 अक्टूबर को विवेक उर्फ विक्रांत, मोहसिन पठान, शाकिब, अयान और निखिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 14 अक्टूबर की रात पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने मारपीट की और तमंचे से फायरिंग कर जानलेवा हमला किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तीन नवंबर को शाकिब और विवेक उर्फ विक्रांत को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने पांच नवंबर को दोनों आरोपियों को रिमांड के लिए सीजेएम अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां पाईं। अदालत के अनुसार, पुलिस दूसरे राज्य में गिरफ्तारी से पहले आवश्यक अनुमति लेने और स्थानीय पुलिस को सूचना देने से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके अलावा आरोपियों को स्थानीय थाने में दाखिल कराने और मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए जाने के प्रमाण भी नहीं मिले।

अदालत ने यह भी पाया कि पुलिस की रवाना जीडी में उत्तराखंड जाने का उल्लेख नहीं था, जबकि गिरफ्तारी मेमो के कई कॉलम खाली छोड़े गए थे। इन कमियों को गंभीर मानते हुए अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का हवाला दिया और दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड याचिका निरस्त कर दी। अदालत के आदेश की प्रतियां पुलिस महानिदेशक, मानवाधिकार आयोग और अमरोहा के पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई हैं।

अदालती आदेश के बाद अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लखन सिंह ने देहात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार को निलंबित कर दिया। एसपी के मुताबिक, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, अपराध से संबंधित जानकारी छिपाने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के मामलों में यह कार्रवाई की गई है। इस मामले ने दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं और पुलिस की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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