गांधी जयंती पर जिला कारागार मेरठ में सेवा का संदेश, सांसद अरुण गोविल ने की गौसेवा

गांधी जयंती के अवसर पर जिला कारागार मेरठ में सेवा एवं सुधार कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांसद अरुण गोविल ने गौसेवा कर गायों को चारा खिलाया और बंदियों को रामायण की प्रतियां भेंट कीं। उन्होंने कहा कि रामायण सत्य, सेवा, त्याग और मर्यादा का संदेश देती है।

मेरठ,उत्तर प्रदेश। गांधी जयंती और सेवा संकल्प के अवसर पर शुक्रवार को जिला कारागार मेरठ में सेवा, सद्भाव और सुधार की भावना को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेरठ के सांसद अरुण गोविल ने कारागार परिसर में गौसेवा करते हुए गायों को चारा खिलाया। इस दौरान उन्होंने कारागार में निरुद्ध सभी बंदियों को रामायण की प्रतियां भी भेंट कीं।
कार्यक्रम को देशभर में चल रहे सेवा संकल्प अभियान 2026 तथा गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सेवा पखवाड़े की भावना से जोड़ा गया। आयोजन का उद्देश्य बंदियों के बीच सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और सुधार की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
सांसद अरुण गोविल ने बंदियों को रामायण की प्रतियां भेंट करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, सेवा, त्याग, करुणा और मर्यादा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रामायण का अध्ययन बंदियों को आत्मचिंतन, मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं प्रेरक साहित्य व्यक्ति को अपने जीवन और कर्मों पर विचार करने तथा बेहतर दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया गया। जेलर मनीष, जेलर अवनीश सहित अन्य कारागार अधिकारियों और कर्मचारियों ने आयोजन में सहयोग किया। डॉ. वीरेश राज शर्मा ने कहा कि कारागार व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों को आत्मचिंतन, सुधार और समाज की मुख्यधारा में वापस लौटने का अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि रामायण जैसे प्रेरक ग्रंथ बंदियों को धैर्य, मर्यादा और सद्कर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकते हैं।
कार्यक्रम में बंदी कल्याण और पुनर्वास के क्षेत्र में सक्रिय वीरीना फाउंडेशन के संस्थापक धीरेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे। उनकी सहभागिता के माध्यम से बंदियों के कल्याण और पुनर्वास में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया गया।
गौसेवा और बंदियों को रामायण वितरण के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में गांधी जयंती के अवसर पर करुणा, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया गया। आयोजन के दौरान बंदियों में आशा, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने तथा उन्हें भविष्य में बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

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