दक्षिण कोलकाता में शुभेंदु अधिकारी ने निकाली ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ निकाली। उन्होंने ‘कश्मीर आजादी चाहता है’ जैसे नारे लगाने वाली ताकतों को जड़ से उखाड़ने की बात कही।

कोलकाता/एजेंसी। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता में ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का नेतृत्व किया। करीब तीन किलोमीटर लंबी इस यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा समर्थकों के साथ साधु-संत भी शामिल हुए। यात्रा गोलपार्क से शुरू होकर जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर स्थित 8बी बस स्टैंड पर समाप्त हुई।
भगवा वस्त्र और भगवा झंडा लेकर यात्रा की अगुवाई कर रहे शुभेंदु अधिकारी के साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। जुलूस के विश्वविद्यालय परिसर के बाहर पहुंचने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने लोगों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में अधिकारी ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय में ‘कश्मीर आजादी चाहता है’ जैसे नारे लगाने वाली ताकतों को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवा रंग केवल एक रंग नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जुड़ा हुआ है। यात्रा का उद्देश्य भगवा रंग की गरिमा और उससे जुड़े मूल्यों की रक्षा करना तथा इसे बदनाम करने के प्रयासों का विरोध करना है।
भाजपा नेता ने कहा कि ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ के माध्यम से लोगों के बीच भगवा रंग के सांस्कृतिक और वैचारिक महत्व को लेकर जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें भगवा रंग को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही हैं, जिसका विरोध आवश्यक है।
यह यात्रा ऐसे समय निकाली गई जब जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में राजनीतिक और वैचारिक गतिविधियों को लेकर माहौल चर्चा में है। हाल के दिनों में वामपंथी छात्र संगठनों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच कथित झड़पों के अलावा परिसर की दीवारों पर नारे लिखने और नारेबाजी को लेकर भी विवाद सामने आए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के बाहर भाजपा की ओर से निकाली गई इस यात्रा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी इससे पहले भी जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के बाहर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया था। अब दो सप्ताह से भी कम समय के अंतराल में विश्वविद्यालय के निकट ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ का आयोजन कर अधिकारी ने भगवा रंग की गरिमा और उससे जुड़े सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया।
यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की मौजूदगी भी रही। बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के कारण क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां और नारेबाजी चर्चा का केंद्र बनी रही। भाजपा समर्थकों ने यात्रा को भगवा सम्मान और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए इसे महत्वपूर्ण बताया।




