मुंबई में काली-पीली टैक्सी और ऑटो का सफर होगा महंगा, एक सितंबर से बढ़े किराये

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी से यात्रा करने वालों को 1 सितंबर से आरटीओ-अप्रूव्ड टैरिफ कार्ड की मदद से बदले हुए किराए का भुगतान करना होगा। सरकार ने वाहन मालिकों को नए किराया ढांचे के हिसाब से अपने इलेक्ट्रॉनिक मीटर को रीकैलिब्रेट करने के लिए 30 नवंबर तक तीन महीने का समय दिया है।

मुंबई/एजेंसी। मुंबई महानगर क्षेत्र में काली-पीली टैक्सी और ऑटो-रिक्शा से यात्रा करना एक सितंबर से महंगा हो जाएगा। मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण ने किराये में संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए किराया ढांचे के तहत टैक्सी के न्यूनतम किराये में दो रुपये और ऑटो-रिक्शा के न्यूनतम किराये में एक रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के एक अधिकारी के अनुसार, टैक्सी में पहले 1.5 किलोमीटर की यात्रा का न्यूनतम किराया 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये हो जाएगा। वहीं, ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया 26 रुपये से बढ़कर 27 रुपये किया गया है।
नए किराया ढांचे के अनुसार, ऑटो-रिक्शा में शुरुआती 1.5 किलोमीटर के बाद प्रत्येक किलोमीटर का किराया 17.14 रुपये से बढ़कर 18.22 रुपये हो जाएगा। इसी तरह काली-पीली टैक्सी में पहले 1.5 किलोमीटर के बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए किराया 20.66 रुपये से बढ़कर 21.90 रुपये हो जाएगा।
महाराष्ट्र के परिवहन सचिव की अध्यक्षता में हुई मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण की बैठक में चार सदस्यीय खटुआ समिति की सिफारिशों के आधार पर किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। बैठक के विवरण को बुधवार को अंतिम रूप दिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक के कार्यवृत्त पर हस्ताक्षर कर दिए।
परिवहन अधिकारियों के मुताबिक लाखों टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के मीटर को एक साथ नए किराये के अनुसार पुनः समायोजित करना संभव नहीं है। इसलिए संक्रमण अवधि के दौरान कुछ वाहनों में पुरानी मीटर रीडिंग दिखाई दे सकती है।
नई दरों को लागू करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने अधिकृत किराया तालिका के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। यात्री ऐसी स्थिति में अधिकृत किराया तालिका के जरिए देय किराये की जांच कर सकेंगे।
अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यदि किसी वाहन का मीटर नए किराये के अनुसार समायोजित नहीं हुआ है, तो अधिकृत किराया तालिका से किराये का मिलान करें। अधिक किराया वसूलने या किराये में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर संबंधित विभाग में शिकायत की जा सकती है।
नए किराये के लागू होने के बाद वाहन मालिकों और चालकों को अपने मीटर को नए किराया ढांचे के अनुसार समायोजित कराने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। तय समयसीमा तक मीटर का समायोजन नहीं कराने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ एक दिसंबर से विभागीय कार्रवाई की जाएगी। देरी के प्रत्येक दिन के लिए जुर्माना लगाए जाने का भी प्रावधान है।
परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि निर्धारित समयसीमा समाप्त होने तक मुंबई महानगर क्षेत्र में चलने वाली सभी टैक्सियां और ऑटो-रिक्शा नए किराया ढांचे के अनुसार संचालित हों।
गौरतलब है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में इससे पहले टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के किराये में तीन-तीन रुपये की बढ़ोतरी एक फरवरी 2025 से लागू हुई थी। करीब 18 महीने बाद एक बार फिर किराये में संशोधन किया गया है। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार की ओर से ऑटो-रिक्शा और कैब चालकों की मराठी भाषा बोलने की दक्षता संबंधी जांच भी की जा रही है।

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