खागा तहसील में भ्रष्टाचार का राजफाश, विजिलेंस ने सब रजिस्ट्रार के लिपिक को एक लाख रिश्वत लेते पकड़ा

बैनामे के विवाद में मुकदमे से बचाने के नाम पर मांगे थे एक लाख रुपये, खागा तहसील के उप निबंधक कार्यालय में कार्रवा

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। खागा तहसील परिसर स्थित उप निबंधक कार्यालय में मंगलवार दोपहर उस समय अफरातफरी मच गई, जब भ्रष्टाचार निवारण संगठन की प्रयागराज इकाई की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक कनिष्ठ सहायक को कथित रूप से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बीच खलबली मच गई। टीम आरोपी कर्मचारी को हिरासत में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई।
जानकारी के अनुसार, संग्रामपुर निवासी भीम सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन, प्रयागराज इकाई में शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 17 जून को कराए गए एक बैनामे के संबंध में खागा उप निबंधक कार्यालय में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक राहुल कुमार बौद्ध ने कथित तौर पर झूठे तथ्य दिखाकर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मामले में कार्रवाई से बचाने के नाम पर कर्मचारी द्वारा एक लाख रुपये की मांग की गई।
शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने मामले की जांच-पड़ताल की और शिकायत की पुष्टि के बाद आरोपी कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना तैयार की। मंगलवार को इसी योजना के तहत भ्रष्टाचार निवारण संगठन की 13 सदस्यीय टीम खागा स्थित उप निबंधक कार्यालय पहुंची।
बताया गया कि दोपहर करीब 1:57 बजे शिकायतकर्ता ने आरोपी कनिष्ठ सहायक को कथित रूप से एक लाख रुपये दिए। रकम दिए जाने के बाद पहले से तैयार एंटी करप्शन टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राहुल कुमार बौद्ध को पकड़ लिया। टीम की अचानक कार्रवाई से कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में हड़कंप मच गया।
गिरफ्तार किए गए कनिष्ठ सहायक की पहचान राहुल कुमार बौद्ध पुत्र स्वर्गीय रामलखन बौद्ध, निवासी पूरेघनी, पोस्ट रेडबीर, थाना कोतवाली देहात, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। वह खागा उप निबंधक कार्यालय में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था।
कार्रवाई के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम आरोपी कर्मचारी को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई। मामले में थाना खागा में अभियोग पंजीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। टीम द्वारा कार्रवाई से संबंधित आवश्यक साक्ष्य और औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से तहसील और उप निबंधक कार्यालय में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। सरकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी के खिलाफ रिश्वत लेने की कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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