नीरू धांडा का स्वर्णिम अभियान पूरा, काइनान चेनाई के साथ जीता मिश्रित टीम ट्रैप का सोना

नीरू ढांडा एशियन गेम्‍स में सबसे सफल भारतीय एथलीट बनीं। 26 साल की नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में दो गोल्‍ड और एक सिल्‍वर मेडल जीता।

नागोया। भारतीय निशानेबाज नीरू धांडा ने एशियाई खेलों में अपने ऐतिहासिक अभियान को एक और स्वर्णिम उपलब्धि के साथ पूरा किया। व्यक्तिगत ट्रैप में स्वर्ण पदक जीतने के एक दिन बाद नीरू ने काइनान चेनाई के साथ मिलकर मिश्रित टीम ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 40 में से 34 निशाने साधकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया और कतर की जोड़ी को 32 अंकों के मुकाबले हराया। चीन ने 23 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
इस स्वर्ण के साथ 26 वर्षीय नीरू धांडा के नाम इस एशियाई खेल में तीन पदक हो गए हैं। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की टीम ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीता था और मंगलवार को व्यक्तिगत ट्रैप में स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों में व्यक्तिगत ट्रैप स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनी थीं। मिश्रित टीम का स्वर्ण उनके लिए इन खेलों का दूसरा स्वर्ण और तीसरा पदक है।
नीरू की यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि एशियाई खेलों से करीब 10 दिन पहले बीमारी के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। बीमारी के बाद वह कमजोरी और थकान से जूझ रही थीं और उनकी तैयारी भी प्रभावित हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने नागोया पहुंचकर लगातार दो दिनों में व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।
मिश्रित टीम स्पर्धा के क्वालीफिकेशन में नीरू ने 75 में से 63 निशाने साधे, जबकि काइनान चेनाई ने 75 में से 73 निशाने लगाकर भारत का कुल स्कोर 136 तक पहुंचाया। भारतीय जोड़ी चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंची। फाइनल की शुरुआत हालांकि भारत के लिए अच्छी नहीं रही। शुरुआती चरण में दोनों निशानेबाजों से कई चूक हुईं और एक समय भारतीय जोड़ी दबाव में नजर आ रही थी।
इसके बाद काइनान चेनाई ने शानदार वापसी करते हुए लगातार निशाने साधे और नीरू को भी लय हासिल करने का मौका मिला। भारतीय जोड़ी ने शुरुआती लड़खड़ाहट से उबरते हुए फाइनल में 34 अंक हासिल किए और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
नीरू ने अपनी जीत के बाद कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धा के दौरान लंबे समय तक बारिश में भीगने के कारण वह काफी थक गई थीं। बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाने और लगातार दो दिनों तक प्रतिस्पर्धा करने की चुनौती के बावजूद उन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखा।
नीरू के लगातार शानदार प्रदर्शन से भारतीय निशानेबाजी को एशियाई खेलों में बड़ी सफलता मिली है। व्यक्तिगत ट्रैप में ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद मिश्रित टीम का स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपने अभियान को यादगार अंदाज में समाप्त किया। वहीं, काइनान चेनाई के साथ उनकी जोड़ी ने 34 अंकों का नया एशियाई रिकॉर्ड बनाकर भारतीय शॉटगन निशानेबाजी की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया।

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