गाजियाबाद कोर्ट ने 8 साल पुराने थप्पड़ कांड में सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

गाजियाबाद कोर्ट ने चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। आठ साल पुराने थप्पड़ कांड में यह वारंट जारी किया गया है।

चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ जारी हुआ है गैर जमानती वारंट (फाइल फोटो)

गाजियाबाद। वर्ष 2018 के मारपीट और गाली-गलौज के मामले में आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने एक बार फिर गैर जमानती वारंट जारी किया है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर आजाद अदालत में उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद अदालत ने यह कार्रवाई की। इसी मामले में पहले भी उनके खिलाफ वारंट जारी हो चुका है।
मामला वर्ष 2018 का है। मसूरी थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि वह साहिबाबाद क्षेत्र स्थित वृंदावन गार्डन में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। धर्मेंद्र का आरोप है कि हथियारों को लेकर सवाल पूछने के बाद चंद्रशेखर आजाद, गुलजार सिद्दीकी, पंकज जाटव समेत करीब 15 अज्ञात लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। हालांकि ये आरोप शिकायतकर्ता के हैं और मामले का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होना है।
गुरुवार को सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार के अधिवक्ता भजनलाल गौतम ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि मामले में आरोपपत्र पर कार्रवाई के लिए सुनवाई चल रही है। अधिवक्ता ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह अदालत की कार्यवाही में उपस्थित नहीं हुए।
वादी पक्ष की ओर से अदालत से गिरफ्तारी वारंट के साथ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 और 83 के तहत कार्रवाई की मांग भी की गई। धारा 82 के तहत अदालत द्वारा फरार व्यक्ति के संबंध में उद्घोषणा और धारा 83 के तहत संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई का प्रावधान है। वादी पक्ष की मांग और सुनवाई के दौरान सांसद की अनुपस्थिति के बाद अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।
इस मामले में चंद्रशेखर आजाद पूर्व में भी अदालत में पेश होकर वारंट वापस लेने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। मई 2025 में वह अपने अधिवक्ता के साथ अदालत पहुंचे थे, जिसके बाद अदालत ने उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख तय की थी।
फिलहाल मामले में अदालत की ओर से जारी गैर जमानती वारंट के बाद आगे की न्यायिक कार्रवाई पर नजर है। मामला वर्ष 2018 की घटना से संबंधित है और इसमें लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा साक्ष्यों एवं सुनवाई के आधार पर किया जाना है।

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