सीएम रेखा गुप्ता ने स्वच्छ यमुना अभियान के अंतर्गत स्वच्छ यमुना प्रहरी ऐप का किया शुभारंभ
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की उपस्थिति में नॉर्थ कैंपस दिल्ली विश्वविद्यालय से शुरू किया स्वच्छ यमुना प्रहरी अभियान।

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने यमुना की सफाई और संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुवार को ‘स्वच्छ यमुना प्रहरी’ अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित रग्बी ग्राउंड में अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, विधायक सूर्यप्रकाश खत्री, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह और प्रदेश महामंत्री मोहन लाल गिहारा समेत अन्य लोग मौजूद रहे। अभियान के तहत विद्यार्थियों ने यमुना की स्वच्छता और संरक्षण में प्रहरी के रूप में योगदान देने का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं ‘स्वच्छ यमुना प्रहरी’ के लिए पंजीकरण किया। अभियान के तहत नागरिकों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की व्यवस्था शुरू की गई है। दिल्ली सरकार का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी के जरिए यमुना की सफाई को व्यापक जनअभियान का रूप देना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय के करीब 30 कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी इस पहल से जोड़ने की तैयारी है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि यमुना की सफाई को केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की नदियां भारतीय संस्कृति और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उनके संरक्षण के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने दिल्ली में यमुना के प्रदूषण की स्थिति को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि सरकार और संगठन मिलकर इसके समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं।
मल्होत्रा ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यमुना में गिरने वाले 22 प्रमुख नालों के मुहानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है और 12 स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना को स्वच्छ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि दिल्ली के नागरिकों की भी समान जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार नालों को जोड़ने और टेप करने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने, गाद निकालने तथा सीवर लाइनों को जोड़ने जैसे कार्यों पर काम कर रही है। इसके साथ ही नागरिकों को रोजमर्रा की गंदगी रोकने और नदी के आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करना होगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, हरित और सुंदर बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों और युवाओं से अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यमुना की निगरानी और संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने घोषणा की कि 18 अक्टूबर को यमुना के किनारे सफाई अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान यमुना के तटों पर जमा पॉलिथीन और अन्य कचरे को हटाने के लिए लोग सामूहिक रूप से श्रमदान करेंगे। उन्होंने कहा कि केवल किनारों की सफाई से यमुना पूरी तरह स्वच्छ नहीं होगी, इसके लिए सीवेज और नालों से संबंधित स्थायी समाधान पर भी समानांतर रूप से काम करना जरूरी है।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली में सीवेज उपचार की क्षमता बढ़ाने पर सरकार का जोर है। उनके अनुसार इस्तेमाल होने वाले पानी का बड़ा हिस्सा सीवेज में बदल जाता है और इसीलिए सीवेज उपचार की पर्याप्त क्षमता विकसित करना यमुना की सफाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यमुना पुनर्जीवन को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के स्तर पर भी विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। जून 2026 में केंद्र की समीक्षा बैठक में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच समन्वित तरीके से यमुना पुनर्जीवन कार्य आगे बढ़ाने, नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने और नालों के प्रवाह की निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया गया था।
‘स्वच्छ यमुना प्रहरी’ अभियान के जरिए सरकार अब यमुना की सफाई को सरकारी कार्यों के साथ नागरिक भागीदारी से जोड़ने की कोशिश कर रही है। अभियान में विद्यार्थियों और आम लोगों की भागीदारी को इसकी प्रमुख कड़ी बनाया गया है।





