पीएम मोदी के सामने ब्लैक चश्मा, सैलरी लेते हैं 1 रुपये फिर भी संपत्ति करोड़ों की, आईएएस अमित कटारिया फिर चर्चा में
छत्तीसगढ़ के सीनियर आईएएस अधिकारी हैं अमित कटारिया। अमित कटारिया मौजूदा समय में स्वास्थ्य विभाग में सचिव हैं। अमित कटारिया के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है।

रायपुर/एजेंसी। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित कटारिया एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से फोन पर बातचीत के दौरान अपमानजनक तरीके से बात की। इस मामले की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से की गई है, जिसके बाद उन्होंने कार्मिक मंत्रालय से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है।
जानकारी के अनुसार, 20 मई को सांसद बृजमोहन अग्रवाल और आईएएस अधिकारी अमित कटारिया के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। आरोप है कि इस दौरान कटारिया ने सांसद से रुखे और असम्मानजनक लहजे में बात की और यहां तक कह दिया कि “जो करना है कर लो।” इस कथित व्यवहार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
इस विवाद पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रतिक्रिया दी है और सांसद बृजमोहन अग्रवाल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है। बघेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र पर बाहरी प्रभाव हावी है, जिससे अधिकारियों के रवैये में जवाबदेही की कमी दिखाई देती है।
अमित कटारिया इससे पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। वर्ष 2015 में बस्तर कलेक्टर रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान काला चश्मा पहनकर स्वागत करने को लेकर वे चर्चा में आए थे, जिस पर प्रोटोकॉल को लेकर बहस छिड़ गई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कटारिया ने एक समय प्रतीकात्मक रूप से मात्र एक रुपये वेतन लेने का निर्णय लिया था। उनका कहना था कि प्रशासनिक सेवा का उद्देश्य देश सेवा है, न कि धन अर्जन। हालांकि, वे संपत्ति के मामले में संपन्न अधिकारियों में गिने जाते हैं और उनका परिवार रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़ा है।
अमित कटारिया 2004 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। हरियाणा के गुरुग्राम में जन्मे कटारिया ने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य करते हुए जिला कलेक्टर और ग्रामीण विकास विभाग में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाले हैं। वर्तमान में वे राज्य के स्वास्थ्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं।




