पत्नी प्रेमी संग रहने पर अड़ी, पति ने तहसील में कराई दोनों की शादी; तीन बच्चों को लेकर उठे सवाल
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में तीन बच्चों की मां अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। पति ने उसे घर लौटने के लिए मनाया, लेकिन जब वह नहीं मानी तो तहसील परिसर में दोनों की शादी करवा दी।

चंदौली/उत्तर प्रदेश। चंदौली जिले से रिश्तों को लेकर एक अनोखा और चर्चा का विषय बना मामला सामने आया है। यहां तीन बच्चों की मां अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी। करीब चार महीने बाद पति ने दोनों को रेलवे स्टेशन पर देखा और पत्नी को मनाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानी तो पति ने खुद ही तहसील ले जाकर दोनों की शादी करवा दी।
जानकारी के अनुसार, सकलडीहा तहसील क्षेत्र के डैना गांव निवासी जीवनाथ राजभर दिल्ली में वेल्डिंग का काम करते हैं। रोजगार के चलते वह अधिकतर समय दिल्ली में रहते थे, जबकि उनकी पत्नी सरिता गांव में तीन बच्चों के साथ रहती थी। इसी दौरान सरिता की मुलाकात गाजीपुर जिले के गहमर निवासी अजय से हुई, जो ट्रेनों में मूंगफली बेचने का काम करता है। दोनों की जान-पहचान धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।
बताया जाता है कि जब पति को इस संबंध की जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया और पत्नी को समझाने की कोशिश की। बावजूद इसके सरिता ने संबंध खत्म नहीं किया और कुछ समय बाद अपने तीनों बच्चों को घर पर छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई।
पत्नी के जाने के बाद जीवनाथ लगातार उसकी तलाश करता रहा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। करीब चार महीने बाद सकलडीहा रेलवे स्टेशन पर उसने पत्नी और उसके प्रेमी को देख लिया। उसने पत्नी से बच्चों और परिवार का हवाला देते हुए घर लौटने की अपील की, लेकिन सरिता ने साफ इनकार कर दिया और प्रेमी के साथ रहने की बात कही। यहां तक कि उसने बच्चों को भी साथ ले जाने से मना कर दिया।
इसके बाद जीवनाथ दोनों को सकलडीहा तहसील ले गया, जहां मौजूद लोगों और अधिवक्ताओं की उपस्थिति में उसने दोनों को एक साथ रहने की सहमति दिलाई। तहसील परिसर में ही प्रेमी ने सरिता की मांग में सिंदूर भरकर और वरमाला पहनाकर विवाह की रस्म पूरी की। हालांकि, इस विवाह का आधिकारिक पंजीकरण नहीं कराया गया।
सरिता का कहना है कि पति उसे पर्याप्त खर्च नहीं देता था और उनके बीच अक्सर विवाद होता था, जिसके चलते उसने यह फैसला लिया। वहीं, जीवनाथ ने कहा कि जब पत्नी किसी भी हालत में साथ रहने को तैयार नहीं थी, तो उसने उसकी इच्छा का सम्मान किया।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता तीन बच्चों को लेकर जताई जा रही है, जो अब पिता के साथ रहेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने पारिवारिक रिश्तों, जिम्मेदारियों और बच्चों के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।




