गोपालगंज में एसपी विनय तिवारी का अनोखा अंदाज, बिना काफिले बुलेट से किया शहर का निरीक्षण

गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी अचानक बुलेट बाइक पर सवार होकर शहर की सड़कों पर निकल पड़े। हजियापुर स्थित अपने सरकारी आवास से बिना किसी विशेष काफिले के निकले एसपी ने ग्लास मोड़, थाना मोड़ और मोनिया चौक होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक का सफर बुलेट बाइक से तय किया।

गोपालगंज/बिहार। गोपालगंज जिले में तैनात पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय तिवारी का एक अलग और अनोखा अंदाज सोमवार को देखने को मिला, जब वे अपने सरकारी आवास से बिना किसी सुरक्षा काफिले के अचानक बुलेट बाइक पर सवार होकर शहर का जायजा लेने निकल पड़े। उनके इस कदम से जहां पुलिस महकमे में हलचल मच गई, वहीं आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया। एसपी विनय तिवारी ने हजियापुर स्थित आवास से कलेक्ट्रेट परिसर तक का सफर ग्लास मोड़, थाना मोड़ और मोनिया चौक होते हुए अकेले तय किया। इस दौरान उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था, वाहनों की आवाजाही और आमजन की गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। खाकी वर्दी में अचानक एसपी को इस तरह अकेले बाइक चलाते देख राहगीर और स्थानीय लोग चौंक गए। कई लोग उन्हें तुरंत पहचान भी नहीं सके।
विनय तिवारी 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने आईआईटी-बीएचयू से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के सपने को साकार करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्हें एक सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाना जाता है, जो अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनता से सीधे संवाद में विश्वास रखते हैं।
वे उस समय भी चर्चा में आए थे जब अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच के लिए उन्हें मुंबई भेजा गया था। उस दौरान बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा उन्हें क्वारंटीन किए जाने को लेकर विवाद भी हुआ था। इसके अलावा वे पटना में सिटी एसपी, समस्तीपुर के एसपी और मुजफ्फरपुर में रेल एसपी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
हाल के दिनों में गोपालगंज में बाहुबली नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर भी विनय तिवारी चर्चा में रहे हैं। एक निजी कार्यक्रम के दौरान हथियार लहराने के वायरल वीडियो के मामले में उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए जनता दल (यू) से जुड़े नेता अनंत सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं कुचायकोट के विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय और उनके परिजनों पर जमीन कब्जा और फायरिंग के आरोपों के मामले में भी उन्होंने स्वयं नेतृत्व करते हुए छापेमारी की कार्रवाई की थी।
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) में अपने कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने साइबर अपराध, विशेषकर सोशल मीडिया पर अश्लीलता और डीपफेक वीडियो के खिलाफ अभियान चलाया था। इसी क्रम में उन्होंने ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन किया था, जिसका उद्देश्य स्कूल-कॉलेजों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और छेड़खानी जैसी घटनाओं पर रोक लगाना था। बाद में इस पहल को ‘पुलिस दीदी’ के रूप में विस्तारित किया गया। एसपी विनय तिवारी का यह अचानक किया गया बाइक निरीक्षण उनके कार्यशैली का एक और उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें वे जमीन पर उतरकर हालात का वास्तविक आकलन करने को प्राथमिकता देते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button