गुरुग्राम में एनएचएआई की लापरवाही बनी मुसीबत, खुले नाले में गिरीं कई गाड़ियां
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एनएचएआई की लापरवाही के कारण खुले नाले में कई वाहन और एक स्कूल बस गिर गई। हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला तक 15 दिन से ग्रिल हटी होने के बावजूद कोई वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे बारिश में ये हादसे हुए।

गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर एनएचएआई की लापरवाही वाहन चालकों के लिए भारी पड़ रही है। हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक सर्विस लेन और हाईवे पर चल रहे काम के चलते 15 दिन से लोहे की ग्रिल उखड़ी पड़ी है, लेकिन कोई वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। सोमवार को हुई वर्षा में सर्विस रोड पर पानी भरने से खुले नाले दिखाई नहीं दिए और कई वाहन सीधे नाले में जा गिरे। एक स्कूल बस भी नाले में गिर गई। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बैरिकेड और सुरक्षा दीवार बनाने का काम शुरू हुआ था
दरअसल एनएचएआई ने हाईवे के दोनों तरफ लोहे की ग्रिल हटाकर जर्सी बैरिकेड और सुरक्षा दीवार बनाने का काम शुरू किया है। ग्रिल हटाए 15 दिन हो गए, लेकिन बैरिकेडिंग पूरी नहीं हुई। वर्षा के कारण सर्विस रोड डूब गई और दोनों तरफ खुले नाले पानी में छिप गए।
इसी वजह से दोपहिया समेत कई वाहन और एक स्कूल बस भी नाले में गिर गई। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से वाहनों को नाले से बाहर निकाला। हादसे का शिकार हुई बस श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल की थी। उस समय बस बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। गनीमत रही कि सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी को चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले दो हफ्ते से ग्रिल उखड़ी पड़ी है, लेकिन एनएचएआई और ठेकेदार की तरफ से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। काम की धीमी गति के कारण रोजाना हादसे का खतरा बना हुआ है। लोगों ने मांग की है कि जब तक काम पूरा न हो, तब तक खुले नालों पर तुरंत बैरिकेड लगाए जाएं, ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न हो।




