जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान ‘शिवाजी और भगत सिंह का अपमान’,अभिजीत दिपके ने की एसीपी अजय शर्मा के सस्पेंशन की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह पर लिखी किताबों का अपमान करने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली/एजेंसी। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस पर छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह पर लिखी किताबों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा बनाई गई अस्थायी लाइब्रेरी पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने किताबों को फेंक दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए एक पोस्ट में दिपके ने एसीपी अजय शर्मा और उनकी टीम को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज और भगत सिंह से संबंधित किताबों का भी अपमान हुआ है। दिपके ने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारी को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब देशभर में कथित पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सीजेपी विरोध प्रदर्शन कर रही है। गुरुवार को यह प्रदर्शन 13वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
दिपके ने वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि कई दिनों से भोजन न करने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है। उनके अनुसार, वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर घटकर 60 तक पहुंच गया है, जबकि रक्तचाप भी सामान्य से कम बना हुआ है।
इस विरोध प्रदर्शन को विभिन्न विपक्षी नेताओं और सिविल सोसाइटी के सदस्यों का समर्थन मिला है। समर्थन करने वालों में टीएमसी सांसद सागरिका घोष, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, पारदर्शिता कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, सीपीआई(एम) के नेता एम.ए. बेबी और वृंदा करात, सीजेपी के महासचिव डी. राजा तथा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण शामिल हैं।




