केदारनाथ-वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, तीन साइबर ठग गिरफ्तार
दक्षिण जिला साइबर पुलिस ने केदारनाथ-वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये ठग फर्जी वेबसाइटों और पेड विज्ञापनों का उपयोग कर देशभर में लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर चुके थे, जिनसे कई डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं।

दक्षिणी दिल्ली। केदारनाथ, वैष्णों देवी समेत अन्य धार्मिक स्थलों के लिए हेलीकाप्टर टिकट बुकिंग की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का दक्षिण जिला साइबर थाना पुलिस पर्दाफाश किया है। मामले में टीम ने तीन साइबर ठगों ओमप्रकाश कुमार, रोहित कुमार और श्रेयांश तिवारी उर्फ शिवम को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर देशभर के लोगों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर चुके थे।
जांच में सामने आया है कि गिरोह की गतिविधियां देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज करीब 30 साइबर शिकायतों से जुड़ी हुई हैं, जिनमें लगभग 10 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस को आशंका है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। आरोपितों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, दो लैपटाप, एक आइपैड, कई एटीएम कार्ड और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
साइबर टीम ने ठगी के 20,328 रुपये संबंधित बैंक खाते में फ्रीज भी कराए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में श्रेयांश फर्जी वेबसाइट तैयार करने और तकनीकी संचालन का जिम्मा संभालता था। वहीं ओमप्रकाश व रोहित ग्राहकों से संपर्क और पैसों के लेन-देन का काम करते थे।
दक्षिणी जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि साइबर थाने में एक शिकायत मिली थी। इसमें पीड़ित ने आरोप लगाया कि हेलीकॉप्टर यात्रा की ऑनलाइन बुकिंग के दौरान उससे 20,328 रुपये ठग लिए गए। इंस्पेक्टर हंसराज स्वामी और एसआइ आशीष की टीम ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि पीड़ित ने आइआरसीटीसी-हेलीकॉप्टर डॉट कॉम और आइआरसीटीसी-हेलीयात्रा डाट काम नामक वेबसाइटों के माध्यम से बुकिंग की थी। उक्त दोनों वेबसाइट इस तरह डिजाइन की गई थी कि आम व्यक्ति इन्हें असली आइआरसीटीसी या अधिकृत बुकिंग पोर्टल समझ ले। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अरविंद कुमार की देखरेख में जांच टीम ने बैंक खातों, डोमेन रजिस्ट्रेशन रिकार्ड, ई-मेल आइडी, आइपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम बिहार पहुंची और ओमप्रकाश कुमार व रोहित कुमार को नालंदा से गिरफ्तार किया। वहीं उनकी निशानदेही पर गिरोह के मास्टरमाइंड श्रेयांश तिवारी को ग्रेटर नोएडा से दबोचा गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित फेसबुक और मेटा प्लेटफॉर्म पर पेड विज्ञापन चलाकर अपनी फर्जी वेबसाइटों को प्रमोट करते थे। जब कोई व्यक्ति हेलीकाप्टर टिकट बुकिंग के लिए इंटरनेट पर सर्च करता था तो वह इन वेबसाइटों तक पहुंच जाता था। बुकिंग के नाम पर रकम लेने के बाद आरोपित रिफंड, रजिस्ट्रेशन शुल्क, सत्यापन शुल्क और नई बुकिंग जैसे बहाने बनाकर अतिरिक्त पैसे भी ऐंठते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और देशभर में हुई ठगी के मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



