नैनीताल के जंगलों में आग का तांडव, 10 दिन में 11 घटनाएं, 9.5 हेक्टेयर खाक
नैनीताल वन प्रभाग में पिछले 10 दिनों में गर्मी के कारण 11 वनाग्नि की घटना दर्ज की गई हैं, जिससे 9.5 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया है।

नैनीताल/उत्तराखंड। फायर सीजन की शुरुआत में भले ही वर्षा ने जंगलों की आग के लिहाज से राहत दी हो, लेकिन 10 दिन से पड़ रही गर्मी के बीच आग से जंगल धधक रहे हैं।
नैनीताल वन प्रभाग में फायर सीजन से अब तक 11 वनाग्नि की घटना दर्ज की गई हैं, जिसमें से सर्वाधिक दस दिनों की है। आग लगने से 9.5 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया। हालांकि विभागीय स्तर पर वन संपदा को पहुंचे नुकसान के आंकड़े जुटाए जाने शेष हैं।
नैनीताल वन प्रभाग में वनाग्नि के लिहाज से दस दिन बेहद संवेदनशील रहे। बल्दियाखान, पटवाडांगर क्षेत्र के जंगल 48 घंटे तक सुलगते रहे तो भवाली रेंज में सोनगांव और आसपास के जंगल भी जलकर राख हो गए।
डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि 15 फरवरी से माने जाने वाले फायर सीजन में नैनीताल वन प्रभाग में वनाग्नि की 11 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिसमें 9.5 हेक्टेयर जंगलों को नुकसान पहुंचा है। जिले में 30 घटनाओं में 30 हेक्टेयर जंगल जला है। बताया कि विभागीय स्तर पर आग लगने से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
शहर के समीपवर्ती बल्दियाखान क्षेत्र में तो मंगलवार दोपहर तक वन विभाग की टीम ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन बुधवार सुबह इसके समीप ही स्थित कलौना क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग लग गई। आग बढ़ते हुए विभाग के प्लांटेशन तक पहुंच गई। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। अब भी क्षेत्र के जंगलों से धुंआ उठ रहा है।




