बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने कराया था क्वेटा ट्रेन पर हमला, 82 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान में सैन्य शटल ट्रेन पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें 82 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और 121 के घायल होने का दावा किया गया है।

इस्लामाबाद/एजेंसी। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक सैन्य शटल ट्रेन पर किए गए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी लेने वाले बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि हमले में 82 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि 121 घायल हुए। सैनिकों और उनके परिवारों को ले जा रही इस ट्रेन को रविवार को क्वेटा कैंटोमेंट रेलवे स्टेशन के समीप चमन फाटक के पास निशाना बनाया गया था। इसमें 24 लोगों के मारे जाने और 70 के घायल होने की खबर आई थी।
बलूचिस्तान पोस्ट अखबार ने बीएलए प्रवक्ता जीयंद बलूच के हवाले से बताया कि समूह के मजीद ब्रिगेड की फिदायीन यूनिट और खुफिया विंग जिराब ने संगठित और संयुक्त अभियान में इस हमले को अंजाम दिया। इस विद्रोही समूह ने दावा किया है कि जिस विशेष शटल ट्रेन को निशाना बनाया गया, उसे जाफर एक्सप्रेस से जोड़ा जाना था।
अखबार ने बीएलए प्रवक्ता के बयान के हवाले से बताया कि मारे गए और घायल हुए लोगों में जूनियर कमीशन अधिकारी, नान कमीशन अधिकारी और नियमित सैनिकों के अलावा सेना की विभिन्न इकाइयों में भर्ती हुए नए सैनिक शामिल रहे। इसके साथ ही बीएलए ने बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग दोहराई और इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तानी सरकार चाहे जितना भी सुरक्षा प्रबंध कर ले, उसके खिलाफ उसका सशस्त्र आंदोलन जारी रहेगा।
बीएलए ने आत्मघाती हमलावर की पहचान सार्वजनिक की है। उसने बताया कि बिलाल शहवानी ने हमले को अंजाम दिया, जो मजीद बिग्रेड की फिदायीन यूनिट का कमांडर था। बीएलए ने यह भी दावा किया कि हमले के समय ट्रेन में 336 सैन्य कर्मचारी सवार थे, जबकि ट्रेन की सुरक्षा के लिए सवार सशस्त्र 74 सैनिक विस्फोट के बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पाए।
बलूच विद्रोही पिछले कुछ वर्षों में कई बार जाफर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को निशाना बना चुके हैं। मार्च 2025 में बीएलए विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था और सैकड़ों लोगों को बंधक बना लिया था। इस दौरान 21 बंधक, चार सैनिक और सभी 33 विद्रोही मारे गए थे। इस घटना के बाद बीएलए ने कई बार जाफर एक्सप्रेस पर हमले किए हैं।




