एमपी-यूपी बॉर्डर पर रिश्वतखोरी: लकड़ी परिवहन के बदले मांगा ‘हफ्ता’, 5 हजार घूस लेते वनरक्षक गिरफ्तार

यूपी के काश्तकार द्वारा एमपी से लकड़ी खरीदकर ले जाने के एवज में वनरक्षक हर महीने ‘हफ्ता’ मांग रहा था, नहीं देने पर वाहन जब्त कर दिया। फिर 10 हजार की मांग। पड़ोसी राज्य के काश्तकार ने लोकायुक्त में शिकायत कर दी। गुरुवार को सागर लोकायुक्त ने जाल बिछाकर बीच चौराहे पर रिश्वतखोर को धर दबोचा।

टीकमगढ़/मध्यप्रदेश। टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त सागर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक वनरक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी वनरक्षक, एमपी से यूपी की सीमा में कानूनी रूप से लकड़ी ले जाने के लिए व्यापारी से लकड़ी परिवहन के बदले मासिक ‘हफ्ता’ और जब्त वाहन छोड़ने के नाम पर पैसों की मांग कर रहा था। गुरुवार को जैसे ही पीड़ित ने रिश्वत की पहली किस्त आरोपी को थमाई, पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे अंबेडकर चौराहे के पास धरदबोचा।
जानकारी अनुसार लोकायुक्त सागर की टीम ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए कुंडेश्वर बीट के वनरक्षक अरुण अहिरवार को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक लकड़ी व्यापारी की शिकायत पर की गई है। व्यापारी यूपी के सीमावर्ती जिले से यहां आकर किसानों से सतकठा की लकड़ी खरीदकर यूपी ले जाता था। परेशान होकर उसने लोकायुक्त में शिकायत की थी।
शिकायतकर्ता अरबाज खान, निवासी बानपुर (ललितपुर, यूपी), लकड़ी से तख्त और कुर्सियां बनाने का काम करता है। वह किसानों से नियमानुसार लकड़ी खरीदकर परिवहन करता है। अरबाज का आरोप है कि वनरक्षक अरुण अहिरवार उसे लकड़ी ले जाने के बदले प्रति वाहन 2 हजार रुपए की मांग करता था और पैसे न देने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देता था।
पीड़ित ने शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले पैसे न देने पर वनरक्षक ने उसका लकड़ी से भरा वाहन जब्त कर लिया था। वाहन को छोड़ने के बदले 10 हजार रुपए और भविष्य में बिना रुकावट लकड़ी ले जाने के लिए हर महीने 10 हजार रुपए की ‘बंदी’ मांगी जा रही थी। भ्रष्टाचार से तंग आकर अरबाज ने लोकायुक्त पुलिस सागर की शरण ली।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। गुरुवार को अंबेडकर चौराहे पर स्थित वन विभाग के पुराने कार्यालय के पास जैसे ही अरबाज ने वनरक्षक अरुण अहिरवार को रिश्वत की राशि के तौर पर 5 हजार रुपए दिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी के हाथ धुलाए जाने पर वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता प्रमाण है। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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