जम्मू कश्मीर के उधमपुर बस हादसे में 21 की मौत, 61 घायल, पीएम मोदी ने किया 2 लाख रुपये मुआवजे का एलान

बस पर ओवरलोडिंग के कई चालान थे बकाया, सिस्टम की लापरवाही से हुआ बड़ा हादसा

उधमपुर में हुए बस हादसे के बाद ऑनलाइन रिकॉर्ड में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ओवरलोडिंग और बार-बार चालान होने के बावजूद बस पर कार्रवाई नहीं हुई, जिससे सिस्टम की लापरवाही उजागर होती है।

उधमपुर/जम्मू-कश्मीर। उधमपुर जिले के रामनगर-ऊधमपुर मार्ग पर सोमवार को भीषण सड़क हादसा हुआ। कघोट इलाके में एक मोड़ पर अनियंत्रित होकर यात्री बस करीब 70 से 80 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। भीषण सड़क हादसे में तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग प्रारंभिक तौर पर बड़ा कारण बनकर सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बस जेके14डी2121 सुबह रामनगर से ऊधमपुर आ रही थी। हादसे के समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिनमें सरकारी कर्मचारी, स्कूल व कालेज के शिक्षक और विद्यार्थी शामिल बताए जा रहे हैं। सुबह करीब 9:40 बजे बस चालक ने कघोट इलाके में मोड़ काटते समय बस से अपना नियंत्रण खो दिया। जिससे बस सड़क से 80 मीटर नीचे पलट कर उलटी होकर गिरी और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस और एसडीआरएफ
सूचना मिलते ही पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। खाई में गिरी बस पलटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे कई यात्री नीचे गिर गए और गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही मौत की आशंका जताई जा रही है। बचाव दलों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए जीएमसी ऊधमपुर पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार में थी और मोड़ पर चालक नियंत्रण नहीं रख सका। वहीं घायलों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और कई लोग खड़े भी थे, जिससे हादसे की गंभीरता बढ़ गई।
जीएमसी में उपचाराधीन घायल यात्री देस राज ने बताया कि चालक बस को काफी तेज गति से चला रहा था और अचानक मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद बस खाई में जा गिरी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने उपायुक्त ऊधमपुर से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है और गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करने की भी व्यवस्था की जा रही है।
इस संबंध में डीएसपी ट्रैफिक पंकज सूदन ने बताया कि हादसा गंभीर है और पुलिस-प्रशासन की टीमें मौके पर अभियान चला रही हैं। मृतकों और घायलों की सटीक संख्या का अभी पता लगाया जा रहा है। वहीं पीसीआर ऊधमपुर के मुताबिक मृतकों का स्पष्ट आंकड़ा नहीं है, मगर यह संख्या 10 से अधिक है। वहीं प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के रामनगर-उधमपुर मार्ग पर हुए भीषण बस हादसे के बाद अब ऑनलाइन उपलब्ध रिकॉर्ड कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि, यह जानकारी वाहन संबंधी ऐप पर आधारित है और इसकी आधिकारिक पुष्टि परिवहन विभाग से होना अभी शेष है, फिर भी सामने आ रहे तथ्य सिस्टम की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाने के लिए काफी हैं।
ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कघोट में दुर्घटनाग्रस्त हुई बस नंबर जेके14डी2121 टाटा कंपनी की एलपी1512/टीसी मॉडल है। जिसका निर्माण सितंबर 2014 में हुआ और पंजीकरण 19 फरवरी 2015 को किया गया। बस की निर्धारित क्षमता चालक सहित 41 सीटों की है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी में इसे ओवरलोड चलाए जाने की बात सामने आ रही है।
ऑनलाइन उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, इस बस पर तीन चालान अब भी बकाया हैं। इनमें 23 मार्च 2026 को ओवरलोडिंग के लिए 4000 रुपये का ई-चालान शामिल है। इससे पहले 21 मई 2025 को खतरनाक तरीके से वाहन चलाने और वाहन न रोकने पर 7500 रुपये का चालान किया गया था, जो अब तक भरा नहीं गया है। वहीं, 1 मई 2025 को अनाधिकृत अल्टरेशन और टैक्स रसीद न दिखाने पर 6500 रुपये का चालान भी लंबित है। इतना ही नहीं वर्ष 2023 से 2025 के बीच इस वाहन के 12 चालान हुए थे। जिनमें से सात केवल ओवरलोडिंग से जुड़े थे, जबकि अन्य चालान नियमों के उल्लंघन, टैक्स संबंधी खामियों और नंबर प्लेट छिपाने जैसे मामलों में हुए। भले ही इन चालानों का भुगतान कर दिया गया हो, लेकिन बार-बार के उल्लंघन एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करते हैं।

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