एमसीबी जिले में तेजी से गिर रहा जलस्तर, अवैध बोर खनन से बढ़ा खतरा

शोभित शर्मा,एमसीबी/छत्तीसगढ़। जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जलस्तर तेजी से गिरने लगा है। अभी गर्मी का मौसम पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन कई क्षेत्रों में हैंडपंप और कुओं का पानी कम होने लगा है। इस बीच जिले में अवैध बोर खनन का कार्य भी तेजी से जारी है, जिससे भू-जल स्तर पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में जिले को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कहां-कहां हो रहा अवैध बोर खनन
जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना अनुमति के बोरिंग मशीनों के जरिए गहराई तक बोर खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई स्थानों पर देर रात तक बोरिंग मशीनें चल रही हैं, लेकिन इस पर निगरानी रखने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। नियमों की अनदेखी करते हुए निजी उपयोग के लिए लगातार बोर करवाए जा रहे हैं।
कितना गिरा जलस्तर
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार गर्मी की शुरुआत में ही जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कई जगहों पर हैंडपंपों का पानी कम हो गया है और कुओं का जल स्तर भी घटने लगा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो मई-जून तक कई क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
भू-जल का हो रहा अंधाधुंध दोहन
विशेषज्ञों के अनुसार अनियंत्रित बोर खनन और लगातार बढ़ते तापमान के कारण भू-जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। इससे न केवल पेयजल संकट बढ़ेगा बल्कि खेती-किसानी भी प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन से सवाल
जिले में अवैध बोर खनन पर निगरानी कौन रख रहा है?
बिना अनुमति के चल रही बोरिंग मशीनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
गिरते जलस्तर को रोकने के लिए प्रशासन की क्या योजना है?
समय रहते नहीं हुई कार्रवाई तो संकट तय
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने अवैध बोर खनन पर तुरंत रोक नहीं लगाई तो आने वाले समय में स्थिति भयावह हो सकती है और जिले में पेयजल संकट गहराने की पूरी आशंका है।

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