गाजियाबाद में जननी सुरक्षा योजना में बड़ा झोल
5695 महिलाओं को अब तक नहीं मिला प्रसव अनुदान

गाजियाबाद। संस्थागत सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने को संचालित जननी सुरक्षा योजना के अनुदान की धनराशि लाभार्थियों को समय पर नहीं मिल रहा है। शासन के आदेश हैं कि अस्पताल से छुट्टी होने पर लाभार्थी महिला के खाते में अनुदान पहुंच जाना चाहिये लेकिन किसी को दो महीने तो किसी को एक साल बाद भी अनुदान का इंतजार है।
जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा की गई समीक्षा बैठक में पता चला है कि अप्रैल 2025 से 15 मार्च 2026 तक कुल 19165 प्रसव हुए। इनमें से 13470 महिलाओं के खातों में अनुदान की रकम को भेजा जा चुका है लेकिन 5695 महिलाओं के खाते में जननी सुरक्षा योजना का अनुदान नहीं पहुंचा है।
संस्थागत प्रसव के बाद शहरी क्षेत्र की महिला को एक हजार और ग्रामीण महिला के खाते में 1400 रुपये का अनुदान भेजा जाता है। सीएचसी बम्हैटा की स्थिति सबसे खराब है। यहां हुए 146 प्रसव के सापेक्ष केवल दस महिलाओं के खाते में अनुदान की धनराशि भेजी गई है। यह केवल सात प्रतिशत है। दूसरे नंबर जिला महिला अस्पताल द्वारा केवल 48 प्रतिशत महिलाओं के खातों में अनुदान की धनराशि भेजी गई है। यह स्थिति तब है जबकि अस्पताल में इस काम के लिये अलग से कार्यालय खोला गया है। एक काउंटर भी है। संयुक्त अस्पताल द्वारा केवल 66 प्रतिशत महिलाओं के खातों में अनुदान की धनराशि भेजी गई है।




