दिल्ली में बंद घरों में चोरी करने वाले फैमिली गैंग का भंडाफोड़, भाई-भाभी और बहन गिरफ्तार

दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र में घरों में चोरी की कई वारदात को अंजाम देने वाले एक परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कर्मवीर, उसकी भाभी पलक और बहन राधिका उर्फ राधा के रूप में हुई है।
पूछताछ में पता चला कि आरोपित अब तक चोरी के पांच लाख रुपये के आभूषण बेच चुके हैं, जिनकी उनके पास से रसीदें बरामद हुई हैं। इसके अलावा लैपटाप और दो मोबाइल समेत जूलरी, इलेक्ट्रानिक सामान और कपड़े भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने उनके अकाउंट में जमा एक लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपित के कर्मवीर के ऊपर पहले से 31 से अधिक मामले दर्ज हैं और वह तिगड़ी का घोषित बदमाश (बीसी) भी है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से चोरी के सात मामलों को सुलझाने का दावा किया है।
दक्षिणी जिले के उपायुक्त अनंत मित्तल के मुताबिक, 16 मार्च को महरौली स्थित एक बंद घर में चोरी की सूचना मिली थी। एसएचओ महरौली रितेश शर्मा की देखरेख में गठित टीम ने मामले की जांच की तो पता चला कि पिछले कुछ समय में इसी पैटर्न पर इलाके में चोरी की वारदात हो रही हैं। पुलिस टीम ने चोरी के सभी घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने शुरू किए।
चोरी की संपत्ति को ठिकाने लगाने में मदद करती थी बहन राधिका
जांच में पता चला कि सभी वारदात में एक आदतन अपराधी शामिल है। आरोपित की पहचान कर्मवीर के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उसके संबंध में जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपित कर्मवीर को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद वारदात में उसका साथ देने के आरोप में भाभी और बहन को पकड़ा गया।
पूछताछ में पता चला कि कर्मवीर जहां चोरी की वारदात को अंजाम देता था, वहीं उसकी भाभी पलक यूपी में चोरी के आभूषण बेचने में मदद करती थी और उसकी बहन राधिका चोरी की संपत्ति को ठिकाने लगाने में मदद करती थी। आरोपितों के कब्जे से 5.2 लाख रुपये की जूलरी बेचने की रसीद, लैपटॉप और दो मोबाइल समेत जूलरी, इलेक्ट्रानिक सामान और कपड़े बरामद किए हैं।




