वायरल वीडियो के बाद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर पर गिरी गाज, किया गया लाइन हाजिर

बाहरी दिल्ली। भारत नगर थाने के प्रभारी का काम देख रहे निरीक्षक राजीव के एक बयान से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर जन प्रतिनिधियों के निर्देशों पर नशीले पदार्थों और अन्य अपराधों में शामिल आरोपियों को रिहा करने की बात कही। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस मामले का वीडियो शेयर कर सीएम रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था।
वीडियो सामने आने के बाद उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए। जानकारी के अनुसार 12 मार्च को भारत नगर थाना क्षेत्र के वजीरपुर स्थित के-ब्लाक जेजे कॉलोनी में झगड़े की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां पता चला कि घायल व्यक्तियों को पहले ही दीपचंद बंधु अस्पताल ले जाया जा चुका है। अस्पताल में जेजे कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय मोहन लाल और उनके बड़े भाई वीरेंद्र का इलाज चल रहा था। जांच में सामने आया कि मोहन लाल के भाई सुरेश की बेटी की बारात आने वाली थी। इस दौरान मोहन लाल ने बारात के निकलने के लिए ई-रिक्शा चालकों से रास्ता देने को कहा, जिस पर विवाद हो गया।
एक घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए थे चारों आरोपित
आरोप है कि साहिल ने अपने साथियों राघव, अभिषेक और अर्जुन के साथ मिलकर मोहन लाल और उनके भाई पर हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने घटना के करीब एक घंटे के भीतर चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर निरीक्षक राजीव का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह पीड़ित परिवार से बातचीत के दौरान कथित रूप से कह रहे हैं कि नशीले पदार्थों और अन्य अपराधों में शामिल लोगों को जन प्रतिनिधियों के निर्देश पर छोड़ दिया जाता है।
वीडियो वायरल होने के बाद जिला पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने कहा कि बातचीत के दौरान निरीक्षक ने गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की हैं, जो दिल्ली पुलिस के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शातीं। उन्होंने बताया कि राजीव, जो अशोक विहार थाने में अतिरिक्त थाना प्रभारी हैं, फिलहाल भारत नगर थाने का कार्यभार देख रहे थे।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार निरीक्षक ने ये टिप्पणियां अपनी निजी हैसियत से की थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी के पद से हटा कर लाइन हाजिर कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार और सख्त अभियान चलाने के लिए प्रतिबद्ध है।




