गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर के बोरवेल का पानी जांच में फेल, 5 मार्च से शुरू होने जा रहा है चैत्र मेला

गुरुग्राम। चैत्र मेले से पहले श्री शीतला माता मंदिर परिसर में पेयजल गुणवत्ता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की जांच में खामियां सामने आई हैं। बीते दिनों की गई जांच में सप्लाई का पानी पास हो गया, लेकिन बोरवेल का पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
जांच में क्लोरीन की मात्रा मानक से कम पाई गई। इसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. विकास स्वामी टीम के साथ मंदिर पहुंचे और तत्काल टंकी की सफाई कराकर पानी का क्लोरीनेशन कराया।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों को क्लोरीनेशन विधि का प्रशिक्षण भी दिया गया। विभाग ने नियमित रूप से टंकी की सफाई और पानी में क्लोरीन की निर्धारित मात्रा बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि दोबारा सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पांच मार्च से तीन अप्रैल तक श्री शीतला माता मंदिर में चैत्र मेले का आयोजन होना है। मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण किया था।
डाॅ. स्वामी ने बताया कि मंदिर परिसर की चारदीवारी के अंदर स्थित पेयजल स्रोतों और जलापूर्ति लाइन से दो-दो सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए थे। सप्लाई का पानी गुणवत्ता पूर्ण मिला जबकि बोरवेल के पानी की रिपोर्ट में क्लोरीन की कमी सामने आने पर त्वरित कार्रवाई की गई है।




