धर्म विशेष की प्रार्थना को लेकर बुराड़ी का माउंट आलिवेट स्कूल विवाद में घिरा

प्रार्थना गीत न गाने पर छात्र से 50 उठक-बैठक का आरोप

बाहरी दिल्ली। बुराड़ी के संत नगर स्थित क्रिश्चियन स्कूल (माउंट आलिवेट सीनियर सेकेंडरी स्कूल) में पढ़ने वाले कुुछ विद्यार्थियों व अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाया कि धर्म विशेष का प्रार्थना गीत न गाने पर स्कूल प्रबंधन ने छात्र के सिर पर स्कूल बैग रखवाकर 50 उठक-बैठक लगवाई। इस घटना के बाद अभिभावकों ने स्थानीय लोगों के साथ स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और पुलिस थाने में शिकायत देकर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों ने शिक्षा मंत्री व समाज कल्याण मंत्री से भी कार्रवाई का अनुरोध किया है। उधर, स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा कि किसी बच्चे को प्रार्थना के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा है। जिस अभिभावक ने आरोप लगाया है, वे स्वयं भी स्कूल चला रहे हैं। व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
बुराड़ी पुलिस थाने को दी शिकायत में अभिभावकों ने माउंट आलिवेट सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन पर प्रार्थना गीत गाने, ताली बजाने के लिए बच्चों पर दबाव बनाने और ऐसा नहीं करने वाले बच्चों को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। शिकायत में विनोद नामक अभिभावक ने बताया कि उनका बेटा आठवीं कक्षा में पढ़ता है। 15 जनवरी को प्रार्थना सभा के दौरान धर्म विशेष का प्रार्थना गीत न गाने पर सजा के तौर पर उनके बेटे के सिर पर स्कूल बैग रखा और 50 उठक-बैठक लगवाई। इस घटना के बाद अभिभावकों व स्थानीय लोग स्कूल प्रबंधन से मिले। बाद में लोगों ने नारेबाजी की। अभिभावकों ने इस बारे में शिक्षा मंत्री आशीष सूद को भी पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को अभिभावक व स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम के बारे में अवगत कराया। स्थानीय निवासी कुशल त्यागी ने बताया कि मंत्री ने मामले की जांच कराने और इसके बाद यथोचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। कुशल त्यागी ने बताया कि शिक्षा विभाग से उप निदेशक ने स्कूल का दौरा किया है और बच्चों से बात भी की है। स्थानीय निवासी चंद्र प्रकाश धवन व दीपक ने बताया कि उनका बच्चा तो इस स्कूल में नहीं पढ़ता है, लेकिन इस स्कूल में पहले भी इस तरह की घटना सामने आ चुकी हैं। गीत न गाने व ताली नहीं बजाने पर बच्चों को प्रताड़ित किया गया है।
उधर, स्कूल प्रशासक आनंद का कहना है कि सभी आरोप गलत हैं। प्रार्थना के लिए किसी भी बच्चे पर न तो कोई दबाव नहीं बनाया गया है और न ही किसी को प्रताड़ित किया गया। लोगों की शिकायत के बाद हमने पुलिस और शिक्षा विभाग को अपना पक्ष बता दिया है। ये आरोप व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता के कारण लगाए जा रहे हैं। आरोप लगाने वाले अभिभावक स्वयं अपना स्कूल भी चलाते हैं।

धर्म विशेष की प्रार्थना को लेकर स्कूल विवाद में घिरा, प्रार्थना गीत न गाने  पर छात्र से 50 उठक-बैठक का आरोप - burari school prayer row student punished  for not singing

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