गाजियाबाद में कफ सीरप अवैध तस्करी की जांच के बाद बड़ा एक्शन, 15 दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में कफ सीरप के अवैध कारोबार की परतें खुलने के बाद औषधि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर जिले के 15 दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई उस जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसे शासन को भेजा गया था। गाजियाबाद प्रशासन की कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। अवैध तरीके से कफ सीरप की तस्करी मामले में केमिस्टों पर तलवार लटकती दिख रही है।
ड्रग इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि नवंबर माह में कफ सीरप की अवैध तस्करी का खुलासा होने के बाद पूरे जिले में दवा विक्रेताओं की विशेष जांच कराई गई थी। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कुछ मेडिकल स्टोर मौके पर संचालित ही नहीं पाए गए, जबकि कागजों में दवाओं की खरीद और बिक्री दिखाई जा रही थी। कई स्थानों पर स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक का कोई मिलान नहीं हो सका।
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के दौरान इंदिरापुरम, साहिबाबाद, मोदीनगर, राजनगर, नई बस्ती और गोविंदपुरम क्षेत्र की कुल 15 दवा एजेंसियों और मेडिकल स्टोरों में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। कहीं स्टॉक का स्पष्ट विवरण नहीं मिला तो कहीं बिक्री और खरीद से संबंधित दस्तावेज अधूरे या संदिग्ध थे।
आशुतोष मिश्रा ने बताया कि कफ सीरप जैसी दवाओं का इस्तेमाल गलत नशे के लिए किया जाता है। यदि दवा विक्रेता नियमों की अनदेखी करते हैं तो वह सीधे तौर पर अवैध ड्रग नेटवर्क को बढ़ावा देते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित दवा विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए गए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी जिले में मेडिकल स्टोर और दवा एजेंसियों की सघन जांच जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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