संसद के शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर छिड़ गई बहस

वंदे मातरम पर चर्चा के बीच राहुल गांधी का चार शब्दों में जवाब

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में आज राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर बहस छिड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा की शुरुआत करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा, जिसके बाद राष्ट्रीय गीत सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोरने लगा। ऐसे में जब राहुल गांधी से इसपर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने महज चार शब्दों में जवाब देकर किनारा कर लिया। संसद पहुंचे राहुल गांधी से जब वंदे मातरम पर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने कहा, “प्रियंका का भाषण सुनो।” यह कहकर राहुल गांधी चलते बने।
7 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई गई थी। इसे लेकर संसद में आज खास चर्चा का आयोजन हुआ था। हालांकि, पीएम मोदी के भाषण के बाद इस मुद्दे ने सियासी रुख ले लिया है। संसद में भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस सरकार पर वंदे मातरम के कुछ पैराग्राफ हटाने का आरोप लगाया है। पीएम मोदी के अनुसार, 1937 के फैजाबाद सेशन में कांग्रेस ने वंदे मातरम का कुछ हिस्सा हटा दिया था।
हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि रवींद्रनाथ टैगोर के कहने पर यह फैसला लिया गया था। कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों के लिए पीएम मोदी से माफी की मांग की है। पार्टी के अनुसार, पीएम मोदी ने तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी का अपमान किया है, जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले भी राष्ट्रीय गीत को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया था। राज्यसभा सचिवालय ने सभी सांसदों से अपील की थी कि वंदे मातरम और जय हिंद जैसे शब्दों का इस्तेमाल संसद में न करें, जिससे संसद की मर्यादा बनी रहे। कांग्रेस ने बीजेपी के नेतृत्व वाली NDA पर राष्ट्रीय चिह्नों को लेकर असहज होने का आरोप लगाया था।

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