गाजियाबाद में 360 डिग्री पर घूमेगा रावण का सिर,आंख और मुंह से निकलेगी आग

गाजियाबाद। आधुनिकता के युग में हर क्षेत्र में बदलाव हो रहे हैं। जिसमें पारंपरिक चीजों एवं उत्सव को भी आधुनिकता से जोड़ा जा रहा है। ऐसे में रामलीला मंचन और रावण के पुतले भी आधुनिकता से अछूते नहीं हैं। हर साल जहां रामलीला हाईटेक होती जा रही है तो रावण के पुतलों को भी आधुनिक तरीके से बनाया गया है।
कविनगर, घंटाघर, राजनगर, संजय नगर, राजनगर एक्सटेंशन, विजय नगर समेत अन्य रामलीला मैदानों में बनाए गए पुतलों में अत्याधुनिक लाइटें लगाई गई हैं। जबकी घंटाघर की रामलीला में पहली बार पुतले बनाने में मोटर का इस्तेमाल किया गया है।
इस साल पहली बार जिले में श्री सुल्लामल रामलीला समिति घंटाघर मैदान में रावण के पुतलों को बनाने में आधुनिक इलेक्ट्रिक लाइट के साथ मोटर भी लगाई गई है। रावण के पुतले की गर्दन में मोटर का इस्तेमाल किया गया है। जिससे रावण का सिर 360 डिग्री पर घूमता हुआ दिखाई देगा।
इसके अलावा आंखों और मुंह में भी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। जिससे रावण की आंखों और मुंह में लाल रंग की रोशनी और आग निकलती हुई दिखाई देगी। इसके अलावा तीनों पुतलों में परिधान, गहने आदि भी लाइटों से सजाकर जीवंत बनाए जाएंगे।
बीते सालों में आंखों में लाइट लगाई जाती रही हैं, लेकिन पुतला बनाने में मोटर का इस्तेमाल पहली बार किया गया है। सुल्लामल की रामलीला में तीनों पुतले बनाने में करीब सवा तीन लाख रुपये का खर्चा किया गया है।
कविनगर स्थित रामलीला मैदान में 80 फीट का रावण का पुतला, मेघनाथ का 70 फीट और कुंभकरण का 75 फीट का पुतला बनाया जा रहा है। इसके अलावा घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में रावण का 75 फीट, कुंभकरण का 70 फीट और मेघनाथ का 65 फीट का पुतला बनाकर तैयार किया जा रहा है।




