गाजियाबाद में चालकों की मनमानी रोकने के लिए ई-रिक्शा पर क्यूआर कोड लगाने की हुई शुरुआत

गाजियाबाद। जाम से निजात दिलाने और अपराध पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने विभिन्न मार्गों पर चलने वाले ई-रिक्शा पर क्यूआर कोड लगाने की शुरुआत की है। इससे चालकों की लोकेशन का पताकर उनकी मनमानी को रोका जा सकेगा।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध और यातायात आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में सोमवार को 200 से अधिक ई-रिक्शाओं को क्यूआर कोड वितरित किए। जिले में 26 हजार से अधिक ई-रिक्शों पर आगामी दिनों में क्यूआर कोड लगाए जाएंगे।
इतना ही नहीं यातायात के पांच जोन में ई-रिक्शों पर लगे क्यूआर कोड के रंगों से रूट निर्धारित किए गए हैं। बताया कि गत दिनों कुछ ऐसी शिकायतें आई थी, जिनमें ई-रिक्शा संचालकों ने यात्रियों से लूटपाट और अभद्रता की थी। क्यूआर कोड से चालक का नाम, मालिक का नाम, लोकेशन, मोबाइल नंबर आदि दर्ज होगा।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि क्यूआर कोड के जरिए कोई भी सवारी और पुलिसकर्मी ई रिक्शा के पंजीकरण से जुड़ी जानकारी और मालिक का नाम, पता, मोबाइल नंबर पता कर सकते हैं। यातायात पुलिस को ई रिक्शा संचालन की दृष्टि से पांच जोन में बांटा गया है। सभी जोन के ई-रिक्शा पर अलग-अलग रंग के स्टीकर लगाए जाएंगे। क्यूआर कोड का एक सॉफ्टवेयर होगा, जिसमें यात्रियों को फीडबैक भी लिया जाएगा। शिकायत पर ई-रिक्शा चालकों की त्वरित पहचान होगी।
एडीसीपी ट्रैफिक सच्चिदानंद का कहना है कि इससे जनपद में संचालित ई-रिक्शा की सफर के दौरान एवं बांद में पहचान करना भी आसान हो जाएगा। सवारियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड और नंबरिंग वाला स्टीकर ई-रिक्शा के आगे, पीछे लगाया जाएगा। सवारी को स्टीकर पर लिखे गए नंबर को ही ध्यान रखना है।




