दिल्ली एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, इंडिगो के विमान के नीचे आई कार

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो के विमान के नीचे आई कार
  • ड्राइवर को पकड़कर सुरक्षाकर्मी कर रहे हैं पूछताछ
  • हाल के दिनों में कई विमानों में तकनीकी गड़बड़ी के कारण आपात लैंडिंग हुई हैं

नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर आज बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, टेक ऑफ के लिए तैयार इंडिगो के विमान के नीचे एक कार नीचे आ गई। इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिया गया है। फ्लाइट में यात्री भी बैठे थे। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में तकनीकी गड़बड़ी के कारण कई विमानों की आपात लैंडिंग हुई है। डीजीसीए ने विमानों में खराबी पर सख्त कार्रवाई भी की है। इंडिगो विमान के नीचे आने वाली कार गो फर्स्ट कंपनी की थी। गो फर्स्ट कंपनी सूत्रों ने बताया कि कार के प्लेन के नीचे आने से इंडिगो विमान को कोई क्षति नहीं पहुंची है। ड्राइवर ने इंडिगो के पहिये के ठीक नीचे कार रोक दी थी।सूत्रों के अनुसार, इंडिगो के प्लेन के नीचे कार आ गई थी। इंडिगो का प्लेन 6E2002 पटना जाने के लिए उड़ान भरने को तैयार था। तभी एक एक कार प्लेन के पहिये के नीचे आ गई थी। इस घटना के बाद अफरातफरी मच गई। हालांकि बाद में फ्लाइट नियत समय से पटना के लिए रवाना हो गई।

वहां गाड़ी कैसे पहुंची इसे लेकर जांच की जा रही है। इसके बाद ड्राइवर का अल्कोहल टेस्ट किया गया था। उसका टेस्ट निगेटिव आया है। अधिकारी ड्राइवर से पूछताछ कर रहे हैं कि वह गाड़ी लेकर वहां क्यों गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि विमान के नीचे कार देख इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ अचंभित हैं। वीडियो में लोग कह रहे हैं कि विमान को नुकसान हो सकता था। ड्राइवर सो रहा था क्या। ये कार गो फर्स्ट की कार थी। गो फर्स्ट सूत्रों ने बताया कि सौभाग्य से कार विमान को छू भी नहीं पाया। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। इंडिगो के विमान में कोई क्षति नहीं हुई।सूत्रों के अनुसार, जहां ये विमान पार्क था वहां तक किसी गाड़ी को ले जाने की इजाजत नहीं होती है। विमान में यात्री बैठ भी रहे थे। ये ड्राइवर किस परिस्थिति में वे गाड़ी वहां ले गया, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षाकर्मी ड्राइवर से पूछताछ कर रहे हैं।

एविएशन सेक्टर के रेगुलेटर डीजीसीए ने स्पाइसजेट पर कड़ी कार्रवाई की थी। अगले आठ हफ्तों तक उसकी 50 फीसदी उड़ानों पर रोक लगा दी है। हाल में स्पाइसजेट के विमानों में तकनीकी गड़बड़ी के कई मामले आए थे। स्पाइसजेट के विमानों में 19 जून से 18 दिनों की अवधि के दौरान तकनीकी खराबी के कम से कम आठ मामले आए जिसके बाद डीजीसीए ने 6 जुलाई को एयरलाइन को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि खराब आंतरिक सुरक्षा निरीक्षण और रखरखाव की अपर्याप्त कार्रवाई की वजह से सुरक्षा मानकों में गिरावट आई है।

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