1000 ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरे किसान, भूमि अधिग्रहण को लेकर खोला मोर्चा
अध्यक्ष ने सीएम मोहन यादव को चेताया

उज्जैन/मध्य प्रदेश। उज्जैन जिले में किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिले के करीब 5000 किसान 1000 ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतर गए। इन किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार को अपनी 15 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया है।
दरअसल, उज्जैन में लैंड पूलिंग योजना के तहत सरकार स्थायी सिटी बसाने की बात कर रही है। इसी के विरोध में भारतीय किसान संघ ने रैली निकाली। कार्यक्रम की शुरुआत सामाजिक न्याय परिसर से हुई। इस रैली में किसान सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
यह विशाल ट्रैक्टर रैली चामुंडा माता चौराहा, टावर चौक, तीन बत्ती चौराहा से होते हुए कोठी पैलेस तक पहुंची। जहां कलेक्टर कार्यालय तक किसान पैदल पहुंचे और धरना दिया। फिर मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को 15 सूत्रीय ज्ञापन पत्र सौंपा। प्रदर्शन को लेकर भारतीय किसान संघ ने एक पेंपलेट भी जारी किया है। जिसमें किसानों से जुड़ी समस्याओं को 15 बिंदुओं में लिखा गया है। इसमें मुख्य समस्या सिंहस्थ क्षेत्र की लैंड पूलिंग योजना को बताया गया है।
किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम कलेक्टर को यह बताने आए हैं कि सिंहस्थ के लिए किसानों की जमीन 1 वर्ष के लिए ले ली जाए। बाकी 11 वर्ष उन्हें खेती करने दिया जाए। इस भूमि पर पक्का निर्माण नहीं करना चाहिए। यदि हमारी मांगे नहीं मानी तो हमारे पास कई तरीके हैं। जिस-जिस सरकार ने किसानों की जमीन लेने की कोशिश की है उनका हाल देख सकते हैं। लैंड पूलिंग पर सीएम के बयान पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भोपाल में क्यों कह रहे हैं। वह यहां किसानों के बीच आकर कहें। यदि आज लैंड पूलिंग कैंसिल करते हैं तो हम आंदोलन खत्म कर देंगे।




