सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में अशोक विहार थाने के हवलदार किया को गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस में एक बार फिर सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़-धकड़ की है। इस बार अशोक विहार थाने के एक हवलदार को पकड़ा गया है। आरोप है कि उसने और अन्य पुलिसवालों ने पीड़ित शिकायती से कथित तौर पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज ना करने पर 3 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। मामला 2 लाख में तय हो गया था। रिश्वत की पहली किस्त एक लाख रुपयेजानी थी। उसी वक्त सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के हवलदार को रंगे हाथों पकड़ लिया।
सीबीआई ने बताया कि पकड़े गए हवलदार का नाम राजकुमार मीणा है। यह अशोक विहार थाने में तैनात था। सीबीआई ने बताया कि मामला 25 अगस्त का है। जब मिली शिकायत पर सीबीआई ने अशोक विहार थाने के आरोपी हवलदार और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और आरोपी हवलदार शिकायतकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज ना करने के लिए उससे कथित तौर पर तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। रिश्वत की यह रकम ना देने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई थी। पैसा अधिक होने पर पीड़ित शिकायती ने पुलिसवालों से कहा कि उसकी लंबित शिकायत को बंद करने के लिए 3 लाख रुपये की रिश्वत बहुत अधिक है। वह यह पैसा नहीं दे पाएगा। बाद में पुलिसवालों ने तीन लाख रुपयेमें एक लाख रुपयेकम करके उससे दो लाख रुपयेमांगे और कहा कि इससे एक रुपया भी कम नहीं लेंगे।
सीबीआई ने बताया कि आरोपी हवलदार ने शिकायती से कहा कि 25 अगस्त को ही उसे रिश्वत की दो लाख रुपये की रकम में से एक लाख रुपयेकी पहली किस्त मिल जानी चाहिए। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी। सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी हवलदार को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर रिश्वत की एक लाख रुपयेलेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। बताया जाता है कि इसमें फरार एसआई और अन्य की तलाश की जा रही है।




