आजमगढ़ में खुद को आईएएस ऑफिसर बताकर ग्राम प्रधानों से करता था ठगी, फर्जीवाड़ा करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार

In Azamgarh, he used to cheat village heads by pretending to be an IAS officer, cyber fraudster arrested

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। आजमगढ़ में साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पंकज यादव नाम के एक ठग को पकड़ा है। पंकज खुद को सूचना आयोग का अधिकारी बताकर ग्राम प्रधानों से पैसे ठगता था। उसने राजभवन सचिवालय का अधिकारी हर्षवर्धन सिंह राठौर (आईएएस) बनकर भी कई प्रधानों को चूना लगाया। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और 3200 रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, पंकज यादव ग्राम प्रधानों को भ्रष्टाचार की जांच का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूलता था। वह सरकारी टैक्स और निधियों की फर्जी जांच के नाम पर उन्हें गुमराह करता था। फिर अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेता था। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई 13 जुलाई को की गई थी। पंकज के खिलाफ साइबर थाने में पहले से ही मुकदमा दर्ज था। पुलिस को उसकी तलाश थी।एसपी चिराग जैन ने बताया कि पूछताछ में पंकज यादव ने कई बातें बताईं। पंकज ने कहा कि वह एनआईसी की वेबसाइट से ग्राम प्रधानों और पूर्व प्रधानों की जानकारी लेता था। एनआईसी एक सरकारी वेबसाइट है, जहाँ सरकारी कर्मचारियों की जानकारी होती है। इसके बाद वह प्रधानों को फोन करता था। वह खुद को सूचना आयोग या राजभवन सचिवालय का अधिकारी बताता था। फिर वह प्रधानों को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच का डर दिखाता था। इस तरह वह उनसे पैसे वसूलता था।
चिराग जैन ने बताया, “पूछताछ में आरोपी पंकज यादव ने बताया कि वह एनआईसी की वेबसाइट से ग्राम प्रधानों और पूर्व प्रधानों की जानकारी एकत्र करता था। इसके बाद वह खुद को सूचना आयोग या राजभवन सचिवालय का अधिकारी बताकर प्रधानों को कॉल करता और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूलता था।”
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंकज ने अब तक कितने लोगों को ठगा है। साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस काम में उसके साथ और कौन-कौन शामिल है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे ऐसे ठगों से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी जानकारी न दें।

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