राजस्थान में पोक्सो केस में डीएसपी का दलाल रिश्वत लेते हुआ गिरफ्तार

पोक्सो केस में ली ढाई लाख रुपए की रिश्वत, डीएसपी और रीडर की भूमिका की जांच होगी

दौसा/राजस्थान। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए दौसा में एक्शन लिया है। इसके तहत पोक्सो एक्ट के एक मामले में 50 हजार की रिश्वत ले रहे डीएसपी के दलाल को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसीबी की इस कार्रवाई का नेतृत्व दौसा एसीबी डीएसपी नवल किशोर मीणा ने किया, जो मेंहदीपुर बालाजी क्षेत्र में ट्रैप की रणनीति के साथ तैनात थे, जिन्होंने महुआ डीएसपी के दलाल को मौके पर 50 हजार की रिश्वत लेते हुए अरेस्ट कर लिया।
एसीबी की डीआइजी अनिल कयाल ने बताया कि बालाहेड़ी गांव निवासी विष्णु मीणा जो डीएसपी का कथित दलाल बताया जा रहा है, उसे पोक्सो एक्ट के मामले में रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। आरोपी ने पोक्सो एक्ट में फेवर कराने के लिए ढाई लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड की थी, सत्यापन के दौरान वह डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत पहले ही ले चुका था। अब इस पूरे मामले में दौसा में तैनात महुआ डीएसपी रमेश तिवाड़ी और उनके रीडर रामदेव की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।
एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि यह जांच सिर्फ दलाल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह देखा जाएगा कि रिश्वत की मांग और लेनदेन में अधिकारी स्तर पर कौन-कौन शामिल था। इसलिए डीएसपी और रीडर की भूमिका की जांच होगी। पोक्सो एक्ट, जो बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर कानून है, उसमें रिश्वत जैसे मामलों का सामने आना न सिर्फ कानून की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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