‘ऑपरेशन सिंदूर’ का चेहरा बनीं कर्नल सोफिया कुरैशी के माता-पिता का सम्मान

Colonel Sofia Qureshi's parents honoured for becoming the face of 'Operation Sindoor'

वडोदरा/गुजरात। पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर को दुनिया के सामने रखने वाली सोफिया कुरैशी चर्चा में हैं। उन्होंने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय की प्रेस कांफ्रेंस की ब्रीफिंग में भाग लिया। सोफिया ने इस प्रेस कांफ्रेंस में पाकिस्तान के मददगार बनकर उभरे तुर्की को बेनकाब किया। सोफिया कुरैशी ने कहा कि तुर्की के हथियारों से भारत पर हमला हुआ। तो वहीं दूसरी तरफ देश के साथ पूरी दुनिया की सुर्खियों में छाई सोफिया कुरैशी के परिवार को गुजरात के वडोदरा में सम्मान किया गया है। सोफिया कुरैशी का परिवार वडोदरा के तांदलजा में आने वाले जुमेरा पार्क में रहता है।
वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी की अगुवाई में सोफिया कुरैशी के पिता और पूर्व सैन्य कर्मी और उनकी मां का सम्मान किया गया है। वडोदरा के सांसद ने तमाम बीजेपी नेताओं और स्थानीय विधायक चैतन्य देसाई की मौजूदगी में माता-पिता का सम्मान किया। जोशी ने पिता को सम्मान के तौर पर शॉल भेंट किया। जोशी ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी सांस्कृतिक नगरी वडोदरा का गौरव हैं। पहलगाम की बैसरन वैली में जब आतंकियों ने 26 टूरिस्ट की हत्या की तो पूरे देश में गम और गुस्सा देखा गया था। तब पीएम मोदी ने आतंकवाद और उसके समर्थकों को करारा जवाब देने का संकल्प व्यक्त किया था। मंगवार की रात को जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया तो पाकिस्तान हिल गया।
सोफिया कुरैशी जिस परिवार से आती हैं। उस परिवार का मिलिट्री के साथ कई पीढ़ी से जुड़ाव है। सोफिया के पिता 1971 का युद्ध लड़े तो इससे पहले उनके दादा भी सेना में थे। बॉयोकेमेस्ट्री में पीजी करने के बाद सोफिया पीएचडी कर रही थीं लेकिन इस वक्त तक भी उनके पिता का सपना था कि परिवार से कोई सेना में हो। आखिर में सोफिया सेना में गईं। सोफिया करीब 27 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुईं। वह 2016 में तब सुर्खियों में आईं तब उन्होंने महिला के तौर पर बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास का नेतृत्व किया।
शॉर्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से भारतीय सेना में चयनित होने का अवसर मिला था। उन्होंने देश सेवा के जुनून के लिए पीएचडी और अध्ययन को छोड़ दिया। सोफिया कुरैशी की शादी कर्नाटक के बेलगावी से आने वाले ताजुद्दीन कुरैशी के साथ हुई है। दोनों के एक बेटा है। कुरैशी भी सेना में अफसर हैं। सोफिया कुरैशी ने वडोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी से 1997 में एमएससी बॉयोकेमिस्ट्री की पढ़ाई पूरी की है। अपने माता-पिता और छोटी बहन शायना के साथ सोफिया कुरैशी। सोफिया की छोटी बहन एक्ट्रेस हैं। शाइना दादा साहेब फाल्के पुरस्कार जीत चुकी हैं। सोफिया के परिवार के सदस्य 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उनकी दादी उन्हें रानी लक्ष्मी बाई की कहानियां सुनाती थीं।
वडोदरा की बेटी सोफिया कुरैशी ने अगले दिन विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी पूरे देश और दुनिया के सामने रखी थी। तब व्योमिका सिंह के साथ सोफिया कुरैशी चर्चा में आ गई थीं। भारतीय सेना के पराक्रम को नारी शक्ति ने बयां किया था। बीजेपी वडोदरा शहर महामंत्री सत्येन कुलाबकर ने नवभारत टाइम्स से कहा कि पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। ऐसे में बीजेपी की तरफ से कर्नल सोफिया के माता-पिता का अभिनंदन और सम्मान किया गया। कुलाबकर ने कहा जब कभी सोफिया वडोदरा आएंगी तो उनका भी स्वागत किया जाएगा। कुलाबकर ने कहा कि आतंकियों ने भारत की महिलाओं को खून के आंसू रूलाए थे। अब भारत की नारी शक्ति ही पाकिस्तान को आईना दिखा रही हैं। इस मौके पर वडोदरा की मेयर पिंकीबेन सोनी और वडोदरा नगर निगम की स्थायी समिति के चेयरमैन डॉ. शीलत मिस्त्री मौजूद रहे।

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