कानपुर के गोविंद नगर थाने के मालखाने से 41.30 लाख की चोरी, दारोगा पर मुकदमा दर्ज

थाने के मालखाने से नकदी, जेवर और कीमती सामान मिला गायब,21 मुकदमों में बरामद हुई थी नकदी-जेवर

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कानपुर में गोविंद नगर थाने के मालखाने से 41.30 लाख की नकदी-जेवरात गायब हो गए। इसकी भनक जब अधिकारीयों को लगी तो विभाग में हड़कंप मच गया। मालखाना इंचार्ज पर का नाम सामने आया है। कुछ महीने पहले ही मालखाना इंचार्ज का लखनऊ ट्रांसफर हो गया था। उन्हें चौक थाने का दारोगा बनाया गया है। हालांकि हैरानी की बात है कि नए मालखाना इंचार्ज को चार्ज सौंपने को तैयार नहीं थे।
पुलिस विभाग के अलाधिकारीयों ने जब सख्ती दिखाई तब जाकर पूर्व इंचार्ज ने नए मालखाना इंचार्ज को चार्ज सौंपा। नए मालखाना इंचार्ज ने जब सामान का मिलान किया तो 41.30 लाख की नकदी, जेवरात समेत अन्य सामान गायब मिले। गोविंद नगर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह मालखाना पूर्व दीवान इंचार्ज दिनेश चंद्र तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है।
थाना प्रभारी आरोप लगाया कि 22 अक्टूबर 2020 से 17 अक्टूबर 2022 तक गोविंद नगर थाने में मालखाना मुहर्ररीर के पद पर दिनेश चंद्र तिवारी तैनात थे। दिनेश चंद्र तिवारी अब मौजूदा समय में कोतवाली चौक लखनऊ में तैनात हैं। ट्रांसफर होने के बाद वह मालखाने का चार्ज देने नहीं आ रहे थे। कई बार नोटिस जारी करने के बाद वह चार्ज देने नहीं आ रहे थे।
नए मलखाना इंचार्ज ने एक-एक माल का मिलान करके और लिखा-पढ़ी के बाद ही चार्ज सौंपना होता है। यह कई दिन की प्रक्रिया होती है। दारोगा दिनेश चंद्र तिवारी मौजूदा इंचार्ज हेडकांस्टेबल अजय कुमार को मालगृह खोलकर मालखाना माल का अदान-प्रदान कर रहे थे। जब सभी सामानों की गिनती और मिलान हो गया तो उसमें 41.30 लाख की नकदी, जेवरात नहीं मिले।डीसीपी साऊथ महेश कुमार ने बताया कि गोविंद नगर थाने के मालखाने से कैश, जेवरात और कीमती सामान गायब मिला हैं। तत्कालीन मालखाना इंचार्ज दिनेश चंद्र तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। तत्कालीन मालखाना इंचार्ज के खिलाफ विभागीय एक्शन लिया जाएगा।

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