ज्वैलर्स के यहां छापा मारकर हड़प लिया था 22 लाख का सोना, पुलिस ने कच्छ में पकड़ी फर्जी ईडी की टीम

22 lakh gold was stolen by raiding a jeweler's shop, police caught a fake ED team in Kutch

  • गुजरात के कच्छ में फर्जी ईडी बनाकर ज्वैलर्स से लूट
  • पुलिस ने शिकायत पर टीम को दबोचा, 12 गिरफ्तार
  • राधिका ज्वैलर्स को जालसाजों ने बनाया था निशाना
  • पकड़े गए फर्जी ईडी अधिकारियों में एक महिला शामिल

कच्छ/गुजरात। कच्छ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर छापेमारी करने के आरोप में 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह सनसनीखेज घटना कच्छ के गांधीधाम में सामने आई है। इस फर्जी छापेमारी के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर 22.25 लाख रुपये की नकदी और आभूषण ले लिए थे। यह जानकारी पुलिस पूर्वी कच्छ पुलिस के अनुसार यह घटना दो दिसंबर को एक ज्वैलर के यहां हुई थी। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है।
पूर्व कच्छ के एसपी सागर बागमार के अनुसार आरोपियों ने इस फर्जी छापेमारी के दौरान 22.25 लाख रुपये की नकदी और आभूषण ले लिए थे। व्यवसायी द्वारा पुलिस से संपर्क करने के बाद कई टीमों का गठन किया गया था। इसके बाद भरत मोरवाडिया, देवायत खाचर, अब्दुलसत्तार मंजोथी, हितेश ठक्कर, विनोद चूड़ासमा, यूजीन डेविड, आशीष मिश्रा, चंद्रराज नायर, अजय देबे, अमित मेहता, उसकी पत्नी निशा मेहता और शैलेंद्र देसाई को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार 22.27 लाख रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं, जबकि तीन कार जब्त की गई हैं। साजिश में शामिल रहे विपिन शर्मा को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। गांधीधाम निवासी मोरवाडिया ही राधिका ज्वैलर्स पर इस तरह की छापेमारी का विचार लेकर आया था। उसने अपने सहयोगी खाचर को बताया कि आयकर विभाग ने करीब छह साल पहले इस जौहरी पर छापा मारा था और बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण जब्त किए थे। इसमें कहा गया है कि मोरवाडिया ने खाचर को बताया कि राधिका ज्वैलर्स के मालिकों के पास अभी भी 100 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसके बाद खाचर ने इसमें मंजोथी, हितेश ठक्कर और विनोद चूडासमा को शामिल किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी 15 दिन पहले आदिपुर कस्बे में एक चाय की दुकान पर मिले थे और ईडी अधिकारी बनकर कंपनी पर छापा मारने की साजिश रची थी। इसके बाद चूड़ासमा ने मिश्रा से मदद मांगी, जिसने अहमदाबाद निवासी नायर, अमित, निशा, विपिन शर्मा और शैलेंद्र देसाई को शामिल किया, जो अहमदाबाद में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में एक अनुवादक के रूप में काम करता है। इसके बाद देसाई ने अंकित तिवारी नामक ईडी अधिकारी का फर्जी पहचान पत्र तैयार किया। देसाई, मिश्रा, नायर, दुबे, अमित मेहता, निशा मेहता और विपिन शर्मा की छापेमारी टीम 2 दिसंबर को जौहरी के शोरूम और घर पहुंची। फर्जी छापेमारी के दौरान निशा मेहता ने 25.25 लाख रुपये की नकदी और आभूषण ले लिए थे।

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