सरकारी अस्पताल में मुर्दे का होता रहा इलाज, 2 घंटे तक लगी रही बॉटल

छिंदवाड़ा,(मध्य प्रदेश)। छिंदवाड़ा के सरकारी अस्पताल में रविवार को उस वक्त हंगामा मच गया जब एक मरीज की मेल मेडिकल वार्ड में मौत हो गई। वहीं परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा कर दिया। इसके बाद परिजनों ने न्याय ना मिलने पर अस्पताल गेट के सामने चक्काजाम कर दिया। आनन फानन में पुलिस मौके पर पहुंची और चर्चा के बाद परिजनों को यहां से हटाया गया, तब जांच के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
दरअसल, सिंगोड़ी के ग्राम बांकामुकासा निवासी राजीव साहू को रविवार की सुबह उसके परिजन घबराहट और बैचेनी के बाद जिला अस्पताल लेकर आए थे, उसका बीपी बढ़ा ह़ुआ था जिसके बाद डयुटी डॉक्टर ने उसे मेल मेडिकल में भर्ती करा दिया जहां उसका उपचार शुरू किया गया, परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हालत यहां जब और भी बिगडऩे लगी तो उन्होंने ड्यूटी डॉक्टर से आईसीयू में शिफ्ट करने की मांग की लेकिन डॉक्टर ने उन्हें आईसीयू में बेड ना होने की बात कहकर मना कर दिया, ऐसे में काफी देर तक परिजन आईसीयू में एडमिट कराने के लिए भटकते रहे।

परिजनों ने बताया कि राजीव साहू को आईसीयू में शिफ्ट नहीं किया गया, बाद में परिजनों ने उसकी हालत बिगड़ती देख बार-बार उसका अच्छे से इलाज करने की बात कहते रहे, लेकिन डॉक्टर ने उनकी एक ना सुनी। बाद में जब परिजनों ने पल्स चैक करने की बात कही तो पता चला कि राजीव की सांसे थम चुक थी, ऐसे में परिजनों का कहना था राजीव की मौत पहले ही हो चुकी थी, लेकिन उसका इलाज चलता रहा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिरकार मरीज की मौत होने के बाद उसकी पल्स तक यहां चैक नहीं की गई, जिससे कहना गलत नहीं होगा कि मरीज की मौत के बाद भी उसे स्लाईन लगी रही जो एक गंभीर लापरवाही है।

मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्होंने ड्युटी पर मौजूद डॉक्टर से इस मामले में जब संपर्क किया तो उसका यह कहना था कि आईसीयू में एक ही बेड खाली है वह व्हीआईपी के लिए रिजर्व है, हम आपके पैसेंट को इसमें शिफ्ट नहीं कर सकते है। जब मरीज की मौत हो गई तो परिजनों ने अस्पताल में जोरदार हंगामा करते हुए अस्पताल गेट के बाहर चक्काजाम कर दिया। जिन्हे पुलिस ने समझाईश देकर हटा दिया।

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