जालौन के जिलाधिकारी ने शुरू की अनोखी पहल, गो माता के भोजन के लिए शुरू किया रोटी वाहन
District Magistrate of Jalaun started a unique initiative, started a roti van for cow's food

जालौन/उत्तर प्रदेश। जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने एक अनूठी पहल की शुरूआत की है। यहां पर उन्होंने अपने आवास से ‘पहली रोटी गाय को’ कार्यक्रम के अंतर्गत रोटी ले जाने वाली वैन को हरी झंडी दिखाई और गोसेवा में जिले के लोगों को जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह पहल गो सेवा के प्रति जन सहभागिता और जागरूकता को बढ़ाने और लोगों को गो-संरक्षण के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई है।
दरअसल, सनातन धर्म में पहली रोटी गाय को खिलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गाय में कई देवी-देवताओं का वास माना जाता है। मान्यता है कि गाय को पहली रोटी खिलाने से कई फ़ायदे होते हैं। इसी के मद्देनजर सरकार की मंशा के अनुरूप गो संरक्षण को देखते हुए लोगों को प्रेरित करते के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने अपने आवास से गाय के लिए 11 रोटियां दान पुण्य के रूप में सौंपते हुए गो-सेवा वैन को रवाना किया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने बताया कि वैन घर-घर जाकर गो माता के लिए रोटियों को एकत्रित करेगा। इस अनोखी पहल के तहत लोग घर बैठे ही गाय माता को रोटी, चोकर, आटा, अनाज अर्पित कर सकेंगे। साथ ही लोग इस पहल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे। इस कार्यक्रम में शामिल रहे जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी ने कहा कि पहली रोटी गाय को खिलाना हमारे संस्कारों का हिस्सा होना चाहिए। इस पहल की शुरुआत गो सेवा के प्रति जन सहभागिता और जागरूकता को बढ़ाने व गौ-संरक्षण के उद्देश्य से की गई है।




