गुजरात सरकार ने गुजरात पुलिस के दो ऑफिसर्स को दिया आउट ऑफ टर्न प्रमोशन

अहमदाबाद/एजेंसी। गुजरात सरकार ने पुलिस महकमें में अपने काम से एक अलग लाइन खींचने वाले दो ऑफिसर्स को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया है। गुजरात सरकार सूरत में डिप्टी एसपी के के पटेल और भावेश रोजिया को पुलिस अधीक्षक पर प्रोन्नति दी है। दोनों अफसरों के काम को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। इसमें के के पटेल एक महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं। गुजरात के इतिहास में सिर्फ 7 पुलिसकर्मियों को ही आउट ऑफ प्रमोशन मिला है। गुजरात पुलिस का सीना गर्व से ऊंचा करने वाले इन दो ऑफसर्स को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिलने से समूचे पुलिस बेड़े का मनोबल बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
1. के के पटेल: वर्तमान में गुजरात एटीएस में डिप्टी एसपी के तौर काम कर रहे के के पटेल का करियर उपलब्धियों से भरा हुआ। पटेल 1993 में गुजरात पुलिस से PSI (पुलिस सब इंस्पेक्टर) के तौर जुड़े थे। इसके बाद वे नियमानुसार प्रमोशन पाते हुए डिप्टी एसपी (उप पुलिस अधीक्षक) तक पहुंचे। करियर के इन सालों में के के पटेल ने मजबूत हौसले का परिचय दिया। उन्होंने इस दौरान अहमदाबाद ब्लास्ट केस से लेकर आईएसआईएस के आंतकी, आईएसकेपी खुरासन प्रोविंस के सदस्यों की गिरफ्तारी, अक्षरधाम हमला केस, अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में शामिल आरोपियों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।
2. भावेश रोजिया: के के पटेल की तरह ही भावेश रोजिया भी 2004 में गुजरात पुलिस से बतौर पुलिस सब इंस्पेक्टर के तौर जुड़े थे। इसके बाद वे नियमानुसार प्रमोशन पाते हुए डिप्टी एसपी (उप पुलिस अधीक्षक) तक पहुंचे। वर्तमान में वे सूरत शहर में एसीपी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। गुजरात सरकार के प्रमोशन के बाद उन्हें डीसीपी बनने का मौका मिला है। भावेश रोजिया ने गांधीनगर सीरियल किलर के केस को सॉल्व करने के साथ ड्रग्स की बड़ी-बड़ी खेप पकड़ी। इनमें उन्होंने पाकिस्तानी और ईरानी के साथ अफगानियों को हिरासत में लिया। ड्यूटी में 100 प्रतिशत देने वाले राेजिया की गिनती गुजरात में एक कर्मठ पुलिस ऑफिसर के तौर होती है।
के के पटेल और भावेश रोजिया को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिलने के बाद स्टेट पुलिस सर्विस के ऑफिसर्स की कुल संख्या बढ़कर 33 पहुंच गई है। इन दोनों ऑफिसर्स को एडहॉक के आधार पर प्रोन्नति मिली है। ऐसे में इन दोनों ऑफिसर्स के प्रमोशन से दूसरे ऑफिसर्स की सीनियोरिटी में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ये दोनों ऑफिसर्स एटीएस में एक साथ काम कर चुके हैं। गुजरात में सबसे पहले आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाने का गौरव आईपीएस ए के सुरोलिया के नाम दर्ज है। यह भी अजीब संयोग है कि आगे चलकर 1985 बैच के आईपीएस सुरोलिया की टीम में काम करने वाले तीन अधिकारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला। इनमें दो डिप्टी एसपी से एसपी, तीन पीएसआई को पीआई बनने का मौका मिला। दो पीआई से डिप्टी एसपी और दो हेड कांस्टेबल से पीएसआई बने।

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