पैदल चल रहे शख्स को टक्कर मारकर भाग रहा था ट्रक, युवक ने बाइक से 5 किलोमीटर पीछा करके पकड़वाया
A truck was running away after hitting a pedestrian, a youth chased it for 5 kms on a bike and caught it

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। राजधानी दिल्ली में जहां अपराध होते रहते हैं और लोग उदासीन बने रहते हैं, वहीं एक 27 साल के युवक ने बहादुरी की मिशाल पेश की है। रितिक वत्स नाम के इस युवक ने एक ट्रक का पीछा करके ड्राइवर को पकड़ा, जिसने एक पैदल यात्री को कुचलकर भागने की कोशिश की थी। रितिक ने 5 किलोमीटर तक अपनी मोटरसाइकिल से ट्रक का पीछा किया और अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी, जिससे लापरवाह ड्राइवर को गिरफ्तार किया जा सका।
यह घटना 10 अगस्त की है जब पश्चिम विहार में एक अज्ञात वाहन ने एक पैदल यात्री को टक्कर मार दी थी और फरार हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसी दौरान रितिक वत्स, जो रोहिणी से अपने घर जा रहे थे, ने इस घटना को देखा और ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया, ‘मैंने ट्रक ड्राइवर को भागते हुए देखा और उसे रुकने के लिए कहा। जब उसने गाड़ी नहीं रोकी, तो मैंने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। वह बहुत तेज और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, लेकिन मैं किसी तरह उसे तिलक नगर के एक गुरुद्वारे के पास रोकने में कामयाब रहा।’
रितिक ने न केवल 5 किलोमीटर से अधिक दूर तक ट्रक का पीछा किया, बल्कि पुलिस को भी सूचित किया। आरोपी शिवम, जो फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके ट्रक को भी जब्त कर लिया गया।
रितिक की इस बहादुरी के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें सम्मानित किया है। स्पेशल कमिश्नर (ट्रैफिक) अजय चौधरी ने रितिक को प्रशस्ति पत्र और 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। रितिक ने विनम्रता से कहा, ‘मैं सभी से अपील करता हूँ कि जब भी वे कोई अपराध या ऐसी कोई घटना देखें, तो आगे आकर लोगों की मदद करें।’
स्पेशल सीपी चौधरी ने कहा, ‘इस तरह के साहसिक कार्य व्यापक सार्वजनिक मान्यता के पात्र हैं। इसलिए, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रितिक के अनुकरणीय आचरण को नकद इनाम और प्रमाण पत्र देकर मान्यता दी है। उनके साहस और सोच ने दूसरों के लिए एक मिसाल कायम की है और अपराधों को सुलझाने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व को प्रदर्शित किया है।’
हालांकि रितिक के इस नेक कार्य ने मामले को जल्द सुलझाने और न्याय सुनिश्चित करने में मदद की, लेकिन इसने शहर में बढ़ते हिट एंड रन के मामलों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में से 47% अज्ञात वाहनों के कारण हुईं। पिछले साल भी यह आंकड़ा कमोबेश यही था।




