20 लाख रुपये के इनामी चार नक्सलियों का सरेंडर, छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी

सुकमा/छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को माओवादी विचारधारा से तंग आकर चार नक्सलियों ने जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। इन चार नक्सलियों पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं। सरेंडर करने वालों में दो महिला और दो पुरुष नक्सली हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षाबल के जवान नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं। इस दौरान जवान लगातार सर्चिंग अभियान कर रहे हैं।
सरकारी नीतियों से प्रभावित होकर किया सरेंडर
इसी कड़ी में मंगलवार को चार नक्सलियों ने सरकार की योजनाओं से प्रभावित होकर सरेंडर करने का फैसला किया। मामले की जानकारी देते हुए महिला नक्सलियों ने बताया कि महिला नक्सली करीब 14 साल और पुरुष नक्सली करीब 15 सालों से संगठन में सक्रिय थे। वह कई बड़ी नक्सली वारदात का भी हिस्सा थे। नक्सलियों ने सुकमा एसपी किरण चव्हाण के सामने सरेंडर किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों में गढ़चिरौली डिवीजन के प्लाटून का डिप्टी कमांडर कैलाश उर्फ कवासी देवा है। उसके सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दक्षिण बस्तर डिवीजन में टेक्निकल टीम की मेंबर सुक्कीमड़कम ने सरेंडर किया। उसके सिर पर पांच लाख रुपये का इनाम था। वहीं, पीपीसीएम के मंबर वंजाम हड़मा ने भी सरेंडर किया है। उसके सिर पर पांच लाख का इनाम घोषित था। वहीं, भामरागढ़ कमेटी के मेंबर 2 लाख रुपये के इनामी रव्वा देवे ने भी सरेंडर कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाला कैलाश उर्फ कवासी देवा कई वारदातों में शामिल था। उसके खिलाफ कई थानों में शिकायत भी दर्ज है। इसके साथ ही कैलाश कई पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ का हिस्सा था। सभी सरकारी की नीतियों से प्रभावित हुए और सरेंडर करने का फैसला किया है।
नक्सल विरोधी अभियान में तेजी
बरसात के मौसम में नक्सली गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में सुरक्षाबल के जवानों ने भी नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षाबल के जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्चिंग कर रहे हैं।




