गरीबों के घर पर नहीं चलेगा बुलडोजर, यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार का बड़ा बयान

लखनऊ/एजेंसी। उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने मोहर्रम, कांवड़ यात्रा और बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि बुलडोजर को लेकर लोगों ने भ्रांतियां फैला रखी हैं। जबकि बुलडोजर किसी भी स्थिति में किसी गरीब व्यक्ति पर नहीं चल सकता है। साथ ही यह भी कहा कि अगर कोई गरीब व्यक्ति के खिलाफ बुलडोजर का प्रयोग करता है तो उसके खिलाफ एक्शन होगा। ऐसा शासन के आदेश है। वहीं कांवड़ यात्रा और मुहर्रम जुलूसों को पुलिस की तैयारियों को लेकर डीजीपी ने कहा कि प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग ने पहले से तय कर लिया था कि सभी चीजें पारंपरिक तरीके से आयोजित की जाएंगी।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि बुलडोजर का इस्तेमाल अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन को खाली करने और बिल्डिंग को ध्वस्त करने के लिए होता है। बुलडोजर की कार्रवाई पुलिस के जरिए नहीं होती है। पुलिस रिपोर्ट जरूर देती है, लेकिन सक्षम विभाग इस पर निर्णय लेता है। पुलिस सिर्फ मौके पर शांति व्यवस्था के लिए मौजूद रहती है। उन्होंने बताया कि यह पूरी कार्रवाई लीगल तरीके से की जाती है। पुलिस का बुलडोजर से डायरेक्ट कोई मतलब नहीं है।
ताजिया की ऊंचाई निर्धारित
मोहर्रम और कावंड़ यात्रा को लेकर डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि कोई नई परंपरा शुरू नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी धर्म गुरुओं और पीस कमेटी के लोगों से संपर्क करते हैं। यही कारण है कि 2017 के बाद से किसी भी पर्व और त्योहार पर किसी तरीके की अशांति नहीं हुई है। डीजीपी ने बताया कि इस बार भी राज्य सरकार के निर्देश पर मैंने मुख्य सचिव के साथ तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए विभिन्न स्थानों का दौरा किया है। हम लोग मेरठ, मथुरा और अयोध्या गए थे। हमने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजी की आवाज और मोहर्रम के दौरान ताजिया की ऊंचाई को निर्धारित किया है। इससे किसी को असुविधा न हो। साथ ही श्रद्धालुओं की भावनाओ को ठेस न पहुंचे।
सावन के मद्देनजर विशेष व्यवस्था
डीजीपी ने बताया कि आज करीब 15000 जुलूस निकाले जा रहे हैं और सभी चीजें शांतिपूर्ण तरीके से चल रही हैं। डीजीपी ने बताया कि पीएसई की 65 कंपनियां, 8 कंपनियां CRPF और नागरिक पुलिस की कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा डीजीपी ने बताया कि मोहर्रम के बाद सावन का मुख्य त्योहार एक महीने चलेगा, जिसके चलते विशेष क्षेत्र में विशेष तैयारियां की जाती है। पश्चिमी यूपी, रुहेलखंड, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और अन्य क्षेत्रों में जहां सोमवार को बड़ी भीड़ होती है। वहां सावन महीने में पड़ने वाले 5 सोमवारों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है।
जनप्रतिनिधियों की बात सुनना जरूरी
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और माहौल बनाने में सफल रही है, लेकिन जो फीड बैक मिल रहे हैं, उससे लग रहा है कि जन सुनवाई की क्वालिटी है उतनी अच्छी नहीं है। प्रशांत कुमार ने बताया कि इसके लिए हम शीर्ष स्तर पर कुछ पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं। हम निस्तारण की गुणवत्ता पर भी ध्यान दे रहे हैं, ताकि लोगों को न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की अवज्ञा करने वालों की पहचान की जा रही है। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि सर्वोच्च स्थान रखते हैं। जनता के जरिए चुने गए लोगों की बात सुनना और उनके निर्देशों पर अमल करना हमारी जिम्मेदारी है।

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