अब सीबीआई-ईडी के नाम से ईमेल भेजकर कर रहे साइबर ठगी

नई दिल्ली। यदि आपको भी दिल्ली पुलिस या किसी जांच एजेंसी के जाने माने ‘अफसर’ के नाम की ईमेलआईडी से सीबीआई-ईडी का लीगल नोटिस आया है तो घबराएं नहीं, सचेत हो जाएं। एक पल को दिमाग सुन्न कर देने वाले ये ‘लीगल नोटिस’ दरअसल असली नहीं बल्कि साइबर ठगों की तरफ से भेजे जा रहे फेक हैं। ऑन लाइन डर दिखाकर एक्सटॉर्शन की ये गहरी चाल है। इन दिनों दिल्ली एनसीआर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को ईडी और सीबीआई के नाम से ईमेल पर ‘लीगल नोटिस’ भेजे जा रहे हैं।
फर्जी नोटिस में लगी होती है एजेंसियों की मुहर
खासकर दिल्ली पुलिस की डीसीपी (पीआरओ) सुमन नलवा और अन्य सीनियर अफसर के नाम की फेक ईमेल आईडी तैयार कर ऐसे लीगल नोटिस भेजे जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट के संज्ञान में भी ऐसे अनेकों मामले सामने आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता सुमन नलवा ने भी लोगों को सचेत किया है। गृह मंत्रालय की साइबर यूनिट ने भी चेताया है। एक अधिकारी ने बताया कि लीगल नोटिस में हवाला का पैसा, मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स या चाइल्ड पोर्नोग्राफी के कंटेंट वायरल करने की इन्वेस्टिगेशन में समन किया जाता है। ऐसे लीगल नोटिस में 24 घंटे के भीतर संपर्क करने को कहा जाता है। इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों की मुहर लगे नोटिस की भाषा पढ़कर कोई यह नहीं पता लगा पता कि यह असली है या फेक। इस तरह साइबर अपराधी मामले को रफा-दफा करने के नाम पर लोगों से पैसे वसूल लेते हैं।
डीसीपी-पीआरओ सुमन नलवा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हमारे संज्ञान में आया है कि दिल्ली पुलिस के अलग-अलग ऑफिसर्स के नाम से फेक ईमेल आईडी जनरेट करके लोगों को सीबीआई-ईडी के फेक लीगल नोटिस भेजे जा रहे हैं। यह एक स्कैम है। सभी सचेत रहें। कृपया सभी ध्यान रखें, आजकल स्कैमर्स दिल्ली पुलिस की ऑफिशियल ईमेल आईडी @delhipolice.gov.in का पार्ट जोड़कर अलग से हुबहू सी दिखने वाली किसी भी नाम से जैसे (arun.delhipolice.gov.in@gmail.com) फेक आईडी जनरेट करते हैं। ऐसे अलग-अलग ऑफिसर्स के नाम से फेक आईडी बनाई गई हैं जिसकी जांच चल रही है।
ईमेल भी होते हैं मिलते-जुलते
इस तरह की फेक आईडी से जिसके पास भी ईमेल पहुंचता है, वो शुरू में नाम के साथ जुड़ी ऑफिशियल आईडी पढ़कर ही घबरा जाता है। इसलिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ईमेल चेक जरूर करें। स्कैमर्स हर एक जांच एजेंसी की स्टैंप लगाकर भेजते हैं। मसलन, एनआईए, ईडी, सीबीआई, दिल्ली पुलिस और अन्य। यह भी गौर से देखें कि वह ईमेल किस नाम से जनरेट हुआ है। क्या उसकी स्पेलिंग सही है। मैं यहां स्पष्ट कर दूं कि अभी तक दिल्ली पुलिस ने ईमेल पर समन भेजने शुरू नहीं किए हैं। इसलिए ईमेल के साथ अटैच डॉक्यूमेंट को वेरिफाई जरूर करें। यह स्कैम है।




