साइबर ठगों ने दिल्ली पुलिस के चर्चित आईपीएस भीष्म सिंह के नाम पर उन्हीं के दोस्त सीआरपीएफ ऑफिसर को ठगी का बनाया शिकार

नई दिल्ली। साइबर ठगों ने इस बार दिल्ली पुलिस के चर्चित आईपीएस भीष्म सिंह के नाम पर उन्हीं के दोस्त को गजब तरीके से ठगी का शिकार बनाया। हाल फिलहाल भीष्म सिंह मिजोरम में डीआईजी के पद पर तैनात हैं। इनके पीड़ित दोस्त ने जब सीधे कॉल करके हाल चाल पूछा तब साइबर फ्रॉड का पता चला। नॉर्थ वेस्ट जिले की साइबर थाने में केस दर्ज हुआ है। पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, अशोक विहार फेज 1 निवासी करमवीर ने बयान दिया कि आईपीएस भीष्म सिंह करीबी मित्र हैं। ठगी करने वाले ने भीष्म सिंह की फेक फेसबुक आईडी बनाई। उस आईडी से मैसेंजर के जरिए 1 जून को इनके पास एक मैसेज आया जिसमें लिखा था- ‘हाय, हाउ आर यू’। मैसेज से कोई शक ही नहीं हुआ। कर्मवीर ने जवाब दिया कि ‘मैं ठीक हूं, आप कैसे हैं’। शाम को मैसेज आया अच्छा। फिर मोबाइल नंबर मांगा।
कर्मवीर ने मोबाइल नंबर भेज दिया। उसके बाद कथित भीष्म सिंह का मैसेज आया कि ‘मेरा एक दोस्त सुमित कुमार जो कि सीआरपीएफ में सीनियर ऑफिसर है, वो तुम्हें कॉल करेगा, उसका तबादला हुआ है। वो घर का सारा सामान बेहद सस्ते में बेच रहा है। उसका सारा सामान बिल्कुल नया सा है, चाहो तो देख लेना’। कर्मवीर ने अपने मित्र आईपीएस की बात पर ओके लिख दिया। 3 जून की सुबह अनजान नंबर से मैसेज आया। खुद को सुमित बताया। साथ ही डबल बेड, सोफा सेट, फ्रिज, एलईडी टीवी और अन्य घरेलू सामानों की फोटो और लिस्ट भेजी।
सारे सामान की कीमत 85000 बताई। यह भी कहा कि सीआरपीएफ के ट्रक से फ्री होम डिलीवरी दी जाएगी। चूंकि उसका ट्रांसफर जम्मू कश्मीर हो गया है, सुबह फ्लाइट है, आप रुपये भेज दो। सामान एड्रेस पर भिजवा दूंगा। करमवीर ने IPS मित्र की बात का भरोसा करके कथित सुमित को एड्रेस भेज दिया। साथ ही ऑनलाइन 70,000 रुपये भी भेज दिए। ठग ने ओके कर दिया। इसके बाद ठग का फोन आया। कहा कि एक और अफसर का तबादला हो गया है, उसको गाड़ी बेचनी है। कथित सुमित ने गाड़ी की फोटो भी भेज दी। कर्मवीर ने गाड़ी दिखाने को कहा। इसके बाद ठग ने कोई जवाब नहीं दिया। कर्मवीर ने सोचा कि हो सकता है नेटवर्क की परेशानी हो इसलिए वो बात नहीं कर पा रहे होगें। कर्मवीर ने भीष्म सिंह को ही फोन कर लिया।
भीष्म सिंह से बात की तो होश फाख्ता हो गए। पता चला कि किसी ने उनके नाम की फेक फेसबुक आईडी बनाई है। वह कोई ठग है। उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत रजिस्टर करने की सलाह दी। उसके बाद फिर से ठग सुमित कुमार का फोन आया। कहा कि मैं गाड़ी आपके पास ही भिजवा देता हूं। उसके कुछ देर बाद फिर फोन आया कि गाड़ी के मालिक ने ओएलएक्स पर बेचने का मन बना लिया है। कर्मवीर ने कहा कि मेरे पैसे वापस भेज दो। ठग बोला कि सामान भेज रहा हूं। इसके बाद उस ठग का फोन आया कि सीआरपीएफ कैंप पर ट्रक को रोक लिया है, 70 हजार और भेज दो, ट्रक पहुंचते ही पैसे वापस कर दिए जाएंगे। कर्मवीर ने इनकार कर दिया। इसके बाद ठगों ने लगातार दबाव दिया। आखिर में ठगों ने कर्मवीर का फोन नंबर ब्लॉक कर दिया।

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