पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक का निरस्त हुआ बैंकिंग लाइसेंस, आरबीआई से जारी निर्देश

गाजीपुर/उत्तर प्रदेश। भारतीय रिजर्व बैंक ने पूर्वांचल को कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड का बैंकिग लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। बैंक का लाइसेंस निरस्त किया जाना 15 जून से प्रभावशाली हुआ है। रिजर्व बैंक ने रजिस्ट्रार, उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव सोसाइटी से निवेदन किया है कि वह बैंक के मामले में एक लिक्विडेटर( प्रशासनिक रिसीवर) नियुक्त कर दें। फिलहाल आरबीआई के नए आदेश के अनुसार संबंधित बैंक सभी बकायदाओं को नोटिस भेज कर उनको दिए ऋणों की वसूली की जाएगी।
1989 में गाजीपुर कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना हुई थी। गाजीपुर कोऑपरेटिव बैंक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है। इस प्रकरण में बैंक के प्रबंधकों के खिलाफ शहर कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। 2023 में कॉपरेटिव बैंक को दिवालिया घोषित कर दिया गया था, उस दौरान कोऑपरेटिव बैंक ने सभी खाताधारकों को सूचित किया था कि 5 लाख तक बैंक में जमा पैसा लौटाया जाएगा। 912 खाताधारकों के 12.63 करोड़ की रकम वापस भी हुई। इस बैंक में 1691 लोगों का 22.99 करोड़ का बकाया है। 40 करोड़ का लोन इस बैंक की ओर से अलग-अलग व्यक्तियों को दिए गए हैं। इस बीच रिजर्व बैंक ने रजिस्टार कोऑपरेटिव सोसाइटी को प्रशासनिक रिसीवर के जरिए पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक गाजीपुर के सभी बकायादारों से ऋण वसूली करने के लिए निर्देशित किया है।
एआर कोऑपरेटिवअंशुल कुमार के मुताबिक पूर्वांचल कोऑपरेटिव बैंक के मुख्यालय में जिन लोगों ने भी अपने बैंकिंग संबंधित विवरण को निर्देशानुसार साझा किया है। इनमें से अधिकतर लोगों के प्रथम किश्त के रूप में भुगतान हो चुका है। इस बीच कोऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। रिसीवर के जरिए लोन वसूली का आदेश जारी हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button