कोरानो काल में फीस न जमा करने वाले 8 बच्चों के पैरेंट्स पर स्कूल ने दर्ज कराया केस, सड़क पर उतरे पीड़ित

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर में कारोना काल के दौरान बच्चों की फीस न जमा कराने का आरोप लगाते हुए कोर्ट के आदेश पर स्कूल प्रधानाचार्या ने आठ अभिभावकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। इसके विरोध में आरोपित अभिभावकों ने शुक्रवार को जीआइसी मैदान में पहुंचकर विद्यालय प्रबंधन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया। आरोप लगाए कि तथ्य छिपाकर कोर्ट से मुकदमे के आदेश कराए गए। चेतावनी दी गई कि जब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी जाएगी, धरना जारी रहेगा।
मामला मुजफ्फरनगर के एमजी वर्ल्ड विजन से जुड़ा हुआ है। एमजी वर्ल्ड विजन ने उन आठ अभिभावकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है, जिन्होंने कोरोना काल में अपने बच्चों की कुछ महीनों की फीस नहीं दी थी। स्कूल से बिना टीसी लिए अन्य स्कूलों में एडमिशन करा लिया था। एमजी वर्ल्ड ने उन स्कूलों को भी इस मामले में 120बी का आरोपी बनाया है,जिन्होंने एडमिशन दिए थे। पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं में अभिभावकों और स्कूलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
एमजी वर्ल्ड विजन की प्रधानाचार्य मृणालिनी अनंत ने नगर के निवासी मनोज गुप्ता, दिवेश कुमार, अर्पित चौधरी, सचिन शर्मा, राहुल शर्मा, प्रमोद कुमार, गुलरेज और अनुज गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि इन सभी अभिभावकों ने उनके स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने की फीस नहीं दी। बिना स्कूल से टीसी लिए नगर के ही अन्य स्कूलों में अपने बच्चों का प्रवेश करा लिया। इसके चलते पुलिस ने धारा 420,406 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
जेल भेजवाने की दी थी धमकी
मुजफ्फरनगर की थाना नई मंडी पुलिस ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक जायसवाल के निर्देश पर यह मुकदमा दर्ज किया है। इस संबंध में पीड़ित अभिभावकों ने बताया कि कोरोना काल में उन्होंने अपने बच्चों को निकालने के लिए स्कूल से संपर्क किया था। कई महीने तक उन्हें टरकाया जाता रहा। इसके बाद उन्होंने अपने बच्चों का एडमिशन अलग-अलग स्कूलों में करा दिया था। इन अभिभावकों ने बताया कि जब स्कूल द्वारा उन्हें बकाया फीस के लिए नोटिस दिए गए थे। उन्होंने स्कूल से संपर्क भी किया था, लेकिन स्कूल की प्रधानाचार्य मृणालिनी अनंत ने उनसे कहा था कि तुम्हें अदालत में देखेंगे। वहीं स्कूल के मालिक ने कहा था कि तुम सभी को हम जेल भिजवाएंगे।
टीसी जमा करना जरूरी नहीं
आरोप है कि अदालत में एक ही प्रकरण में मुकदमा खारिज होने के बाद दोबारा तथ्य छुपा कर यदि ऐसा मुकदमा दर्ज कराया जाता है तो यह धारा 340 के तहत प्रधानाचार्य के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने का मामला है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कक्षा 5 तक प्रवेश के लिए टीसी जमा कराया जाना बाध्यता नहीं है।

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